RBI ने इस बैंक पर चलाया 'हंटर': खाताधारकों पर बड़ी पाबंदियां, अब अकाउंट से सिर्फ 5,000 रुपये ही निकाल पाएंगे ग्राहक
भारतीय बैंकिंग सेक्टर (Indian Banking Sector) से जुड़ी इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। देश के केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India - RBI) ने वित्तीय स्थिति के लगातार बिगड़ जाने के कारण एक प्रमुख सहकारी बैंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए अपना 'हंटर' चला दिया है। केंद्रीय बैंक की ओर से लगाई गई इन सख्त पाबंदियों के बाद अब उस बैंक के ग्राहक अपने ही खातों से एक तय सीमा से अधिक पैसे नहीं निकाल पाएंगे। यदि आपका खाता भी इस बैंक में है, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आरबीआई ने किस बैंक पर यह शिकंजा कसा है, पाबंदियों के दायरे में क्या-क्या नियम शामिल हैं और आम खाताधारकों पर इसका क्या असर पड़ेगा।
पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर आरबीआई ने कसी नकेल, छह महीने के लिए पाबंदियां लागू
भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को अपनी एक सख्त निर्देशिका जारी करते हुए पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक (Puducherry Co-operative Urban Bank) पर कई तरह के वित्तीय प्रतिबंध लगा दिए हैं। आरबीआई द्वारा यह कदम इस बैंक की बिगड़ती हुई वित्तीय सेहत और कम होती नकदी (Liquidity) की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
केंद्रीय बैंक के इन आदेशों के अनुसार, पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर लगाई गई ये तमाम पाबंदियां आज से अगले छह महीने की अवधि के लिए पूरी तरह प्रभावी रहेंगी। बैंक की वित्तीय स्थिति जब तक पटरी पर नहीं लौटती, तब तक ग्राहकों को इन कड़े नियमों के बीच ही अपने बैंकिंग कामकाज चलाने होंगे। इस कार्रवाई के बाद से बैंक से जुड़े खाताधारकों के बीच हड़कंप मच गया है।
खाते से सिर्फ 5,000 रुपये ही निकाल सकेंगे ग्राहक, नए कर्ज देने पर भी रोक
आरबीआई के नए निर्देशों के मुताबिक, पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक की खराब नकदी स्थिति को देखते हुए यह तय किया गया है कि बैंक का कोई भी ग्राहक अपने बचत खाते (Savings Account), चालू खाते (Current Account) या अन्य किसी भी खाते से 5,000 रुपये से अधिक की कुल राशि नहीं निकाल सकेगा। यानी यदि आपके खाते में लाखों रुपये भी जमा हैं, तो भी आप इस संकट के दौरान एक बार में केवल पांच हजार रुपये की निकासी ही कर पाएंगे।
इसके अलावा, केंद्रीय बैंक ने इस सहकारी बैंक पर कई अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर भी कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं:
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लोन और एडवांस पर रोक: बैंक अब किसी भी नए ग्राहक को किसी भी प्रकार का नया ऋण (Loan) या एडवांस जारी नहीं कर पाएगा।
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निवेश और देनदारियां: बैंक के नए निवेश करने, किसी भी प्रकार की नई देनदारी स्वीकार करने तथा अपनी किसी भी संपत्ति (Assets) या एसेट्स को बेचने, ट्रांसफर करने या उनका निपटान करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
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हालांकि, कुछ विशेष और निर्धारित शर्तों के तहत ग्राहकों को उनकी जमा राशि के एवज में पुराने ऋणों की भरपाई करने (Set-off) की अनुमति जरूर दी गई है।
क्या बैंक का लाइसेंस रद्द हो गया है? जानिए क्या कहा आरबीआई ने
इस तरह की पाबंदियों के सामने आने के बाद अक्सर खाताधारकों के मन में यह डर बैठ जाता है कि कहीं उनका बैंक डूब तो नहीं गया है या उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया है? इन तमाम आशंकाओं को दूर करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों को जारी करने का बिल्कुल भी यह अर्थ नहीं है कि बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द (License Cancelled) कर दिया गया है।
आरबीआई के अनुसार, यह बैंक तब तक अपना सीमित बैंकिंग कामकाज जारी रख सकता है, जब तक कि इसकी वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं आ जाता। हालांकि, इस दौरान बैंक को केंद्रीय बैंक द्वारा जारी किए गए इन सभी निर्देशों और पाबंदियों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। आरबीआई लगातार इस बैंक की कार्यप्रणाली और वित्तीय गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
ग्राहकों के पैसों की सुरक्षा को लेकर क्या है नियम? डीआईसीजीसी (DICGC) बीमा का कवर
बैंक की इस खस्ताहाल स्थिति के बीच ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या उनका जमा किया गया पैसा डूब जाएगा? इस संबंध में आरबीआई ने राहत देते हुए बताया है कि इस बैंक के सभी पात्र जमाकर्ता 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन' (DICGC) के नियमों के तहत 5 लाख रुपये तक का जमा बीमा दावा (Deposit Insurance Claim) प्राप्त करने के हकदार हैं।
यानी डीआईसीजीसी के नियमों के अंतर्गत प्रत्येक खाताधारक के 5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट पूरी तरह सुरक्षित माने जाते हैं। केंद्रीय बैंक ने यह भी आश्वस्त किया है कि वह हालात पर लगातार नजर रख रहा है और खाताधारकों के हितों की रक्षा के लिए भविष्य में आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाए जाएंगे। यदि आपका खाता भी इस बैंक में है, तो आपको घबराने की बजाय नियमों के तहत डीआईसीजीसी के माध्यम से अपने बीमा दावे की प्रक्रिया पर ध्यान देना चाहिए।