Life Certificate Scam: जीवन प्रमाण पत्र अपडेट के नाम पर पेंशनर्स से ठगी! PNB ने जारी किया रेड अलर्ट, फर्जी विज्ञापनों और लिंक्स से रहें सावधान

Life Certificate Scam: जीवन प्रमाण पत्र अपडेट के नाम पर पेंशनर्स से ठगी! PNB ने जारी किया रेड अलर्ट, फर्जी विज्ञापनों और लिंक्स से रहें सावधान

नवंबर का महीना करीब आते ही देशभर के लाखों केंद्रीय, राज्य और सेना के पेंशनभोगियों के लिए अपना वार्षिक 'जीवन प्रमाण पत्र' (Life Certificate / Digital Life Certificate) जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। पेंशन निरंतर मिलती रहे, इसके लिए 1 अक्टूबर से 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक और 1 नवंबर से शेष सभी पेंशनर्स अपना लाइफ सर्टिफिकेट बैंकों या डाकघरों में जमा करते हैं। लेकिन इसी समय का फायदा उठाकर साइबर ठग और जालसाज गिरोह वरिष्ठ नागरिकों को अपना आसान शिकार बनाने में जुट गए हैं। देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank - PNB) ने सोशल मीडिया और आधिकारिक सूचना के जरिए अपने करोड़ों ग्राहकों, विशेषकर बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए एक तत्काल सुरक्षा एडवाइजरी (Cyber Security Alert) जारी की है। बैंक ने आगाह किया है कि जीवन प्रमाण पत्र अपडेट करने के नाम पर सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, एसएमएस और सर्च इंजनों पर फर्जी विज्ञापन और फिशिंग लिंक तेजी से फैलाए जा रहे हैं, जिन पर क्लिक करते ही बैंक खाता खाली हो सकता है।

साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली बेहद चालाकी भरी होती है। वे वरिष्ठ नागरिकों की तकनीकी अनभिज्ञता और पेंशन रुकने के डर का मनोवैज्ञानिक फायदा उठाते हैं। पीएनबी के अनुसार, जालसाज आधिकारिक लोगो और बैंक जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट्स या विज्ञापनों के जरिए यह दावा करते हैं कि अब बैंक जाने की जरूरत नहीं है, बस दिए गए लिंक पर क्लिक करके या एक 'स्पेशल ऐप' डाउनलोड करके 2 मिनट में घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र रिन्यू करें। जैसे ही कोई बुजुर्ग इन झांसों में आता है, वह जीवन भर की जमा पूंजी गंवा बैठता है।

कैसे बुना जाता है ठगी का जाल? समझें साइबर फ्रॉड का नया तरीका

साइबर विशेषज्ञों और पीएनबी की एडवाइजरी के अनुसार, जीवन प्रमाण पत्र के नाम पर मुख्य रूप से इन तीन तरीकों से ठगी की जा रही है:

  1. व्हाट्सएप और एसएमएस पर फर्जी मैसेज: पेंशनर्स के मोबाइल पर चेतावनी भरे संदेश भेजे जाते हैं, जैसे—"आपकी पेंशन ब्लॉक होने वाली है। जीवन प्रमाण पत्र तुरंत अपडेट करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।" इस लिंक पर क्लिक करते ही एक फर्जी (Phishing) पेज खुलता है, जहां आधार नंबर, बैंक खाता संख्या, पैन और जन्मतिथि मांगी जाती है।

  2. फर्जी एपीके (APK) फाइल्स डाउनलोड कराना: जालसाज व्हाट्सएप पर 'JeevanPramaan.apk' या 'PNB_Pension_Update.apk' नाम की फाइलें भेजते हैं और दावा करते हैं कि यह सरकारी ऐप है। वास्तव में यह एक मैलवेयर (रिमोट एक्सेस ट्रोजन) होता है। फोन में इंस्टॉल होते ही यह बुजुर्ग के मोबाइल के सारे एसएमएस (OTP) और स्क्रीन का पूरा नियंत्रण हैकर को सौंप देता है।

  3. सर्च इंजन पर फर्जी कस्टमर केयर विज्ञापन: गूगल या सोशल मीडिया पर स्पॉन्सर्ड विज्ञापनों के जरिए ठग अपने फर्जी मोबाइल नंबर को 'PNB पेंशन हेल्पडेस्क' बताकर प्रमोट करते हैं। जब बुजुर्ग उस नंबर पर कॉल करते हैं, तो साइबर अपराधी बैंक अधिकारी बनकर बात करते हैं और एनीडेस्क (AnyDesk) या टीमव्यूअर जैसी स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स डाउनलोड करवाकर बैंक खाते से पैसे उड़ा देते हैं।

पंजाब नेशनल बैंक ने दी पेंशनर्स को ये जरूरी सावधानियां

वरिष्ठ नागरिकों की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए पंजाब नेशनल बैंक ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन हर पेंशनर और उनके परिजनों को करना चाहिए:

  • अज्ञात लिंक पर कभी क्लिक न करें: एसएमएस या व्हाट्सएप पर आए किसी भी अनजान लिंक के माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र जमा करने या व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने की गलती कभी न करें।

  • व्हाट्सएप से कोई भी ऐप इंस्टॉल न करें: कभी भी किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर व्हाट्सएप या टेलीग्राम से फाइलें डाउनलोड न करें। हमेशा गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही अधिकृत ऐप्स डाउनलोड करें।

  • ओटीपी, पिन और सीवीवी कभी साझा न करें: बैंक या सरकारी विभाग का कोई भी प्रतिनिधि कभी भी फोन पर आपसे ट्रांजैक्शन पासवर्ड, कार्ड पिन या ओटीपी (OTP) नहीं मांगता।

  • सोशल मीडिया विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें: फेसबुक, इंस्टाग्राम या गूगल सर्च में दिखने वाले स्पॉन्सर्ड विज्ञापनों के फोन नंबरों पर कॉल न करें। आधिकारिक जानकारी केवल बैंक की मुख्य वेबसाइट pnbindia.in से ही लें।

जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के वैध और सुरक्षित सरकारी तरीके

पेंशनर्स को किसी बिचौलिए या संदिग्ध लिंक पर जाने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। केंद्र सरकार और बैंकों ने लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के कई अधिकृत और सुरक्षित माध्यम उपलब्ध कराए हैं:

  1. बैंक शाखा में व्यक्तिगत उपस्थिति: सबसे पारंपरिक और सुरक्षित तरीका यह है कि आप अपनी पेंशन शाखा (होम ब्रांच) में जाकर भौतिक रूप से फॉर्म भरकर हस्ताक्षर करें।

  2. आधिकारिक Jeevan Pramaan पोर्टल/ऐप: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की अधिकृत वेबसाइट jeevanpramaan.gov.in या गूगल प्ले स्टोर से भारत सरकार की आधिकारिक 'Jeevan Pramaan' ऐप और 'AadhaarFaceRd' ऐप डाउनलोड करके चेहरे के स्कैन (Face Authentication) के जरिए घर बैठे सुरक्षित रूप से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा किया जा सकता है।

  3. डाक विभाग की डोरस्टेप बैंकिंग (Doorstep Service): यदि बुजुर्ग चलने-फिरने में असमर्थ हैं, तो वे इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के डाकिया (Postman) को घर पर बुला सकते हैं। डाकिया मामूली शुल्क (लगभग ₹50-₹70) लेकर बायोमेट्रिक मशीन के जरिए घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र अपडेट कर देता है।

  4. डोरस्टेप बैंकिंग अलायंस (PSB Alliance): सरकारी बैंकों का संयुक्त डोरस्टेप बैंकिंग ऐप (DSB) भी घर पर प्रतिनिधि भेजकर डिजिटल प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा प्रदान करता है।

यदि हो जाए फ्रॉड तो तुरंत क्या करें?

यदि किसी कारणवश कोई पेंशनर धोखे का शिकार हो जाता है या खाते से संदिग्ध ट्रांजैक्शन हो जाता है, तो बिना समय गंवाए निम्नलिखित कदम उठाएं:

  • तुरंत पीएनबी के 24x7 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 1800 या 1800 2021 पर कॉल करके अपने एटीएम कार्ड, नेट बैंकिंग और यूपीआई को ब्लॉक करवाएं।

  • भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल कॉल करें। घटना के शुरुआती 2 से 3 घंटों (Golden Hours) में शिकायत दर्ज होने पर ट्रांजैक्शन को बीच में ही फ्रीज कराया जा सकता है।

  • साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाकर लिखित शिकायत और लेन-देन के स्क्रीनशॉट्स दर्ज करें तथा नजदीकी थाने के साइबर सेल में सूचना दें।