One Nation One Ration Card: देश के किसी भी कोने में मिलेगा सस्ता और मुफ्त राशन, न नया कार्ड बनवाने का झंझट न ट्रांसफर की जरूरत; जानें पात्रता नियम और लाभ लेने का पूरा तरीका

One Nation One Ration Card: देश के किसी भी कोने में मिलेगा सस्ता और मुफ्त राशन, न नया कार्ड बनवाने का झंझट न ट्रांसफर की जरूरत; जानें पात्रता नियम और लाभ लेने का पूरा तरीका

रोजगार, शिक्षा या अन्य कारणों से अपने गृह राज्य को छोड़कर दूसरे शहरों में रहने वाले करोड़ों प्रवासी कामगारों और मध्यम-वर्गीय परिवारों के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' (One Nation One Ration Card - ONORC) जीवन रेखा साबित हो रही है। पहले सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन कार्ड किसी एक निश्चित जिले और तय उचित मूल्य की दुकान (Fair Price Shop - FPS) से ही बंधा होता था। यदि कोई व्यक्ति काम के सिलसिले में दूसरे राज्य या शहर जाता था, तो उसे अपने हिस्से का खाद्यान्न छोड़ना पड़ता था या फिर पुराने कार्ड को सरेंडर कर नए राज्य में नए राशन कार्ड के लिए महीनों चक्कर काटने पड़ते थे। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत लागू की गई राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी व्यवस्था के बाद यह बाध्यता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। अब देश का कोई भी पात्र राशन कार्डधारक भारत के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में स्थित इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ePoS) से लैस राशन दुकान पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए तुरंत अपना खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।

'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना क्या है और कैसे काम करती है?

वन नेशन वन राशन कार्ड कोई नया या अलग राशन कार्ड नहीं है, बल्कि यह मौजूदा राशन कार्डों की देशव्यापी तकनीकी पोर्टेबिलिटी (Nationwide Portability) प्रणाली है।

  • केंद्रीयकृत आईएमपीडीएस प्रणाली: यह पूरी व्यवस्था केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत 'इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम' (IM-PDS) पोर्टल के जरिए संचालित होती है।

  • ई-पीओएस (ePoS) आधारित वितरण: देश भर की 5 लाख से अधिक उचित मूल्य की सरकारी राशन दुकानों पर बायोमेट्रिक ePoS मशीनें लगाई गई हैं। ये मशीनें इंटरनेट के माध्यम से सीधे केंद्रीय डेटाबेस से जुड़ी होती हैं।

  • स्प्लिट राशन (Split Entitlement) की सुविधा: योजना का सबसे व्यावहारिक पहलू यह है कि यदि परिवार का मुखिया कमाने के लिए मुंबई, दिल्ली या सूरत जैसे महानगर में रहता है और बाकी परिवार अपने गांव (जैसे बिहार या उत्तर प्रदेश) में रहता है, तो दोनों जगह राशन का बंटवारा किया जा सकता है। प्रवासी व्यक्ति अपने हिस्से का कोटा कार्यस्थल के नजदीकी राशन डीलर से ले सकता है और गांव में मौजूद परिवार के सदस्य अपने हिस्से का शेष राशन गांव की दुकान से ले सकते हैं।

योजना के लिए पात्रता की मुख्य शर्तें

इस राष्ट्रव्यापी पोर्टेबिलिटी सुविधा का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित पात्रता शर्तें पूरी होनी चाहिए:

  1. सक्रिय एनएफएसए राशन कार्ड: लाभार्थी के पास राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत जारी वैध अंत्योदय अन्न योजना (AAY) या प्राथमिकता वाले परिवार (PHH) श्रेणी का राशन कार्ड होना चाहिए।

  2. आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding): राशन कार्ड में दर्ज लाभार्थी और परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड राशन डेटाबेस के साथ लिंक (Seeded) होना अनिवार्य है।

  3. सक्रिय बायोमेट्रिक डेटा: राशन प्राप्त करते समय डीलर की मशीन पर अंगूठे का निशान (Fingerprint) या आंखों की पुतली (Iris Scan) का मिलान होना आवश्यक है।

  4. अतिरिक्त राज्य लाभों पर सीमा: राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी के तहत केवल केंद्रीय एनएफएसए कोटे के खाद्यान्न (जैसे चावल, गेहूं, मोटा अनाज) की पोर्टेबिलिटी की गारंटी होती है; किसी राज्य विशेष द्वारा दी जाने वाली अतिरिक्त स्थानीय सब्सिडी (जैसे दाल, तेल, चीनी या मसाले) के नियम संबंधित राज्य सरकार की नीतियों पर निर्भर करते हैं।

किसी भी राज्य में राशन प्राप्त करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

यदि आप अपने गृह राज्य से बाहर किसी दूसरे शहर या राज्य में रह रहे हैं, तो इन आसान चरणों में राशन प्राप्त कर सकते हैं:

  1. नजदीकी ePoS राशन दुकान पर जाएं: अपने वर्तमान निवास के पास स्थित किसी भी सरकारी अधिकृत राशन दुकान (FPS Dealer) पर जाएं।

  2. पहचान प्रस्तुत करें: डीलर को अपना राशन कार्ड नंबर या परिवार के किसी भी आधार-सत्यापित सदस्य का आधार नंबर बताएं (भौतिक रूप से मूल राशन कार्ड साथ रखना अनिवार्य नहीं है, केवल नंबर पर्याप्त है)।

  3. सिस्टम में विवरण जांच: राशन डीलर अपनी ePoS मशीन में आपका नंबर दर्ज करेगा। मशीन तुरंत केंद्रीय आईएमपीडीएस सर्वर से आपके कोटे और शेष बचे खाद्यान्न का विवरण स्क्रीन पर प्रदर्शित कर देगी।

  4. बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण: मशीन पर अपना अंगूठा या उंगली लगाकर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट सत्यापन पूरा करें। यदि उंगलियों के निशान घिसने के कारण मैच नहीं होते हैं, तो आइरिस स्कैनर (आंखों की पुतली) के विकल्प का उपयोग किया जा सकता है।

  5. खाद्यान्न और रसीद प्राप्त करें: सत्यापन सफल होते ही डीलर इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलकर आपको आपका निर्धारित अनाज सौंपेगा और ePoS मशीन से एक इलेक्ट्रॉनिक लेन-देन पर्ची (Receipt) निकाल कर देगा। साथ ही आपके पंजीकृत मोबाइल पर तुरंत पुष्टिकरण का एसएमएस भी आ जाएगा।

'Mera Ration' मोबाइल ऐप: नजदीकी राशन दुकान और कोटे की जानकारी

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने 'मेरा राशन' (Mera Ration 2.0) मोबाइल ऐप उपलब्ध कराया है:

  • निकटतम डीलर खोजें (Nearby FPS): नए शहर में जाने पर जीपीएस की मदद से अपने आसपास की सभी चालू राशन दुकानों की लोकेशन और रास्ता देखा जा सकता है।

  • पात्रता की जांच (Know Your Entitlement): महीने में आपको कितना गेहूं या चावल मिलने का अधिकार है, यह सीधे ऐप पर दिख जाता है।

  • लेन-देन का इतिहास: पिछले 6 महीनों में आपने कब, किस तारीख को और किस दुकान से कितना राशन लिया, इसका पूरा डिजिटल ब्योरा ऐप में सुरक्षित रहता है।

  • आधार सीडिंग स्टेटस: परिवार के किन-किन सदस्यों का आधार राशन कार्ड से लिंक है और किसका पेंडिंग है, इसकी जानकारी एक क्लिक में मिल जाती है।

वन नेशन वन राशन कार्ड से आम जनता को मिलने वाले बड़े फायदे

  • भ्रष्टाचार और कालाबाजारी पर लगाम: बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और रियल-टाइम डिजिटल रिकॉर्ड होने से डीलर किसी अन्य के नाम का राशन फर्जी तरीके से नहीं बेच सकते।

  • प्रवासियों को पूरी आजादी: देश के किसी भी हिस्से में काम करने वाले श्रमिकों को भूख या भुखमरी का सामना नहीं करना पड़ता और न ही नए शहर में राशन के लिए नए दस्तावेज बनाने की जरूरत होती है।

  • डीलर की मनमानी का अंत: यदि आपके इलाके का राशन डीलर दुर्व्यवहार करता है, समय पर दुकान नहीं खोलता या अनाज कम तौलता है, तो उपभोक्ता किसी भी दूसरी निकटवर्ती दुकान पर जाकर तुरंत राशन ले सकता है।