NSE IPO GMP Today: एनएसई आईपीओ से पहले शेयर बाजार में मची खलबली, 226 रुपये पर पहुंचा ग्रे मार्केट प्रीमियम और जानें संभावित प्राइस बैंड
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक मोड़ आने वाला है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग को लेकर वित्तीय गलियारों में सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। जैसे-जैसे एनएसई के इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ की तारीखें नजदीक आ रही हैं, निवेशकों और शेयर बाजार के दिग्गजों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं। ग्रे मार्केट में इस शेयर को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है। खास बात यह है कि एनएसई के पास वर्तमान में कुल 1.7 लाख शेयरधारक हैं, जो कि दुनिया भर की किसी भी गैर-सूचीबद्ध कंपनी के मुकाबले सबसे बड़ी शेयरधारक संख्या है। इस विशाल आधार और रिकॉर्ड तोड़ क्रेज के बीच एनएसई के आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है, जो निवेशकों को बड़े मुनाफे का संकेत दे रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि एनएसई आईपीओ का लेटेस्ट जीएमपी क्या चल रहा है, इसका संभावित प्राइस बैंड क्या हो सकता है और निवेशकों को इस मेगा इश्यू से जुड़ी किन अहम बातों की जानकारी होनी चाहिए।
एनएसई आईपीओ का जीएमपी पहुंचा 226 रुपये, पिछले 6 सत्रों में देखने को मिला उतार-चढ़ाव
किसी भी आईपीओ के आने से पहले उसका ग्रे मार्केट प्रीमियम यह तय करने में अहम भूमिका निभाता है कि बाजार में उस कंपनी को लेकर कितना उत्साह है। वित्तीय बाजार के आंकड़ों और ट्रैकर्स के अनुसार, एनएसई आईपीओ का जीएमपी इस समय 226 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले छह कारोबारी सत्रों के रुझानों पर नजर डालें तो एनएसई आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम न्यूनतम 221 रुपये से लेकर अधिकतम 310 रुपये के दायरे में ऊपर-नीचे होता रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे आईपीओ की आधिकारिक लॉन्च डेट पास आएगी, इस जीएमपी में और अधिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। मजबूत वित्तीय स्थिति, देश के वित्तीय तंत्र पर एकाधिकार जैसी स्थिति और शानदार ट्रैक रिकॉर्ड के कारण निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हुई हैं। यह प्रीमियम इस बात का साफ संकेत है कि निवेशक इस शेयर की लिस्टिंग पर शानदार रिटर्न की उम्मीद लगाकर बैठे हैं।
1,750 से 1,785 रुपये के बीच हो सकता है एनएसई आईपीओ का संभावित प्राइस बैंड
एनएसई के इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ के प्राइस बैंड को लेकर भी मीडिया रिपोर्ट्स और अंदरखाने के सूत्रों से बहुत बड़ी जानकारी सामने आ रही है। बाजार के प्रतिष्ठित सूत्रों ने बिजनेस मीडिया चैनल सीएनबीसी-टीवी18 को यह जानकारी दी है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज अपने इस आगामी आईपीओ के लिए 1,750 रुपये से लेकर 1,785 रुपये प्रति शेयर के बीच का प्राइस बैंड तय कर सकता है। यदि कंपनी इस तय सीमा के ऊपरी छोर यानी 1,785 रुपये के भाव पर अपना इश्यू लाती है, तो पूरी कंपनी की कुल वैल्यूएशन बढ़कर लगभग 4.41 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। इतनी बड़ी वैल्यूएशन वाला यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े और ऐतिहासिक आईपीओ में से एक साबित होगा, जो देश के म्यूचुअल फंड्स, रिटेल निवेशकों और विदेशी संस्थागत निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा।
15 सितंबर को हो सकती है आधिकारिक प्राइस बैंड की घोषणा, 18 सितंबर से खुल सकता है सब्सक्रिप्शन
एनएसई आईपीओ के कॉरपोरेट कैलेंडर और समय-सारणी की बात करें तो यह प्रक्रिया अब बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार, एक्सचेंज आज ही भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी सेबी के पास अपना ड्राफ्ट रेड हिंग प्रस्पेक्टस दाखिल कर सकता है। इसके बाद नियामक मंजूरियों और औपचारिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए 15 सितंबर को आधिकारिक प्राइस बैंड की घोषणा किए जाने की प्रबल संभावना है। इसके बाद निवेशकों के लिए बोली लगाने का सिलसिला शुरू होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, यह आईपीओ 17 सितंबर को बड़े और एंकर निवेशकों के लिए खुल सकता है, जबकि आम जनता और खुदरा निवेशक इस आईपीओ में 18 सितंबर से लेकर 22 सितंबर के बीच पैसे लगा सकेंगे और शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल के रूप में आ रहा है यह आईपीओ, कई दिग्गज संस्थान बेचेंगे हिस्सेदारी
यह जानना बेहद जरूरी है कि एनएसई का यह आईपीओ पूरी तरह से शेयर बिक्री पेशकश यानी ऑफर फॉर सेल के रूप में आ रहा है। इसका मतलब यह है कि आईपीओ के जरिए आने वाला सारा पैसा कंपनी के विकास में नया फंड जुटाने के बजाय अपने शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगा। इस ऐतिहासिक आईपीओ में देश-विदेश के कई बड़े संस्थान और सरकारी वित्तीय संस्थाएं अपनी हिस्सेदारी बेचकर मुनाफावसूली करने वाली हैं। शेयर बेचने वाले प्रमुख शेयरधारकों में देश की कई बड़ी सरकारी और वित्तीय संस्थाएं शामिल हैं, जिनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, जीआईसी री, द न्यू इंडिया एश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और स्टॉकहोल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का नाम प्रमुखता से शामिल है।
निजी संस्थाएं और ग्लोबल दिग्गज फंड्स भी करेंगे अपनी हिस्सेदारी का विनिवेश
केवल सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां ही नहीं, बल्कि कई नामचीन निजी संस्थान और वैश्विक ग्लोबल फंड्स भी एनएसई आईपीओ के जरिए अपनी होल्डिंग्स को भुनाने की तैयारी में हैं। शेयर बेचने वाले प्रमुख निजी और अंतरराष्ट्रीय शेयरधारकों की सूची में मॉर्गन स्टेनली, क्रिसकैपिटल, कैनेडियन पेंशन फंड और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जैसी दिग्गज कंपनियां और वित्तीय संस्थान शामिल हैं। इतने बड़े पैमाने पर सरकारी और प्राइवेट दिग्गजों द्वारा हिस्सेदारी बेचे जाने के बावजूद बाजार में इस शेयर की भारी मांग बनी हुई है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे आईपीओ में पैसा लगाने से पहले इसके ड्राफ्ट में दिए गए वित्तीय दस्तावेजों की पूरी जांच कर लें और अपने वित्तीय सलाहकार से राय जरूर लें, ताकि वे इस मेगा इवेंट का पूरा लाभ उठा सकें।