Novartis India Share Price: लगातार 8वें दिन शेयर में तूफानी तेजी, 20% का अपर सर्किट लगने से 2,186 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा भाव
भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों कुछ चुनिंदा शेयरों में ऐसा जबरदस्त भूचाल और तेजी देखने को मिल रही है, जो निवेशकों को हैरान करने के साथ-साथ मालामाल भी कर रही है। फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी नोवार्टिस इंडिया लिमिटेड (Novartis India) के शेयरों में पिछले कुछ दिनों से जो तूफानी तेजी का दौर चल रहा है, उसने बाजार में तहलका मचा दिया है। बुधवार, 9 सितंबर 2026 को कंपनी के शेयरों में लगातार आठवें कारोबारी सत्र के दौरान भी जोरदार तेजी का सिलसिला जारी रहा और यह अधिकतम सीमा को छूते हुए 20 प्रतिशत के भारी-भरकम अपर सर्किट पर जा पहुंचे। इस शानदार उछाल के साथ ही नोवार्टिस इंडिया का शेयर 2,186.40 रुपये प्रति शेयर के अपने अब तक के सबसे नए और ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। पिछले लगातार आठ सत्रों की इस लगातार बढ़त के चलते निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है और शेयर कुल मिलाकर 47.1 प्रतिशत तक ऊपर चढ़ चुका है। बुधवार को दर्ज की गई यह 20 फीसदी की एकदिनी उछाल फरवरी 2026 के बाद से इस शेयर में आई सबसे बड़ी और जबरदस्त तेजी है। पिछले एक महीने के आंकड़ों पर गौर करें तो नोवार्टिस इंडिया के शेयरों में निवेशकों को 36.02 प्रतिशत का शानदार रिटर्न मिल चुका है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस अचानक आई तेजी और अपर सर्किट के पीछे की मुख्य वजहें क्या हैं और कंपनी में कौन-से बड़े कॉरपोरेट बदलाव होने जा रहे हैं।
फरवरी के बाद सबसे बड़ी एकदिनी तेजी और प्रमोटर हिस्सेदारी बेचने का बड़ा सौदा
बुधवार को नोवार्टिस इंडिया के शेयरों में जो 20 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा है, उसने ठीक वैसी ही यादें ताजा कर दी हैं जैसी पिछले दिनों फरवरी 2026 में देखने को मिली थीं। गत 20 फरवरी 2026 को भी इस शेयर में ठीक इसी तरह 20 प्रतिशत की तूफानी तेजी दर्ज की गई थी। उस दौरान कंपनी के मूल प्रवर्तक (Promoter) नोवार्टिस एजी (Novartis AG) ने भारत में अपनी विशाल हिस्सेदारी को बेचने का एक बहुत बड़ा फैसला किया था। समझौते के तहत नोवार्टिस एजी ने कंपनी में अपनी कुल 70.68 प्रतिशत की बहुलांश हिस्सेदारी क्राइसकैपिटल (ChrysCapital) के नेतृत्व वाले एक मजबूत निवेशक समूह को बेचने पर अपनी औपचारिक सहमति जताई थी। इस बड़े रणनीतिक सौदे के अंतर्गत वेवराइज इन्वेस्टमेंट्स, क्राइसकैपिटल फंड एक्स और टू इनफिनिटी पार्टनर्स जैसे निवेशकों को कुल 1.74 करोड़ शेयर बेचे जाने का प्रावधान किया गया था। इस डील की खबर सामने आने के बाद से ही शेयर बाजार में इस काउंटर पर लगातार भारी लिवाली देखने को मिल रही है।
नए प्रमोटर्स के हाथों में जाएगी कमान और बदला जाएगा कंपनी का नाम
नोवार्टिस इंडिया लिमिटेड और इस बड़े अधिग्रहण सौदे से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि यह सौदा पूरा होने के बाद कंपनी के स्वामित्व ढांचे में बहुत बड़ा बदलाव आने वाला है। डील की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मूल कंपनी नोवार्टिस एजी अब नोवार्टिस इंडिया का प्रमोटर नहीं रह जाएगा। इसके स्थान पर हिस्सेदारी खरीदने वाला नया निवेशक समूह कंपनी का पूरा नियंत्रण अपने हाथों में संभाल लेगा और वही इसका नया प्रवर्तक (Promoter) बन जाएगा। नियमों और तय शर्तों के अनुसार, इस पूरे अधिग्रहण के पूरा होने के ठीक 120 दिनों के भीतर नोवार्टिस इंडिया का नाम भी पूरी तरह से बदल दिया जाएगा, ताकि नए नाम में नोवार्टिस समूह का कोई भी संदर्भ या जुड़ाव बाकी न रहे। बाजार के जानकारों का मानना है कि स्वामित्व में होने वाले इस बड़े बदलाव और कॉरपोरेट पुनर्गठन के कारण ही निवेशकों का भरोसा इस कंपनी पर लगातार मजबूत हो रहा है, जिसके चलते शेयरों में लगातार अपर सर्किट लग रहे हैं।
डॉ. रेड्डीज के साथ डिस्ट्रीब्यूशन समझौता हुआ खत्म और मिनिप्रेस ट्रेडमार्क पर बड़ा दांव
इस बीच कंपनी से जुड़े अन्य व्यावसायिक घटनाक्रमों की बात करें तो पिछले महीने एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला था। देश की एक अन्य प्रमुख फार्मा दिग्गज कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr. Reddy's Laboratories) ने नोवार्टिस इंडिया के साथ अपनी कुछ चुनिंदा दवाओं के वितरण (Distribution) और प्रचार से जुड़ा मौजूदा समझौता समाप्त कर दिया था। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला मुख्य रूप से नोवार्टिस इंडिया में नियंत्रण वाली हिस्सेदारी में हो रहे बदलाव और नए प्रबंधन के रणनीतिक निर्णयों के तहत लिया गया है। हालांकि, इस समझौते के खत्म होने के बावजूद कंपनी ने एक अन्य मोर्चे पर बहुत बड़ा कदम उठाया है। इसी सप्ताह नोवार्टिस इंडिया के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने भारत के भीतर लोकप्रिय ब्रांड 'मिनिप्रेस' (Minipress) और मिनिप्रेस ट्रेडमार्क के साथ-साथ उससे जुड़े सभी बौद्धिक संपदा अधिकारों (Intellectual Property Rights) को फाइजर (Pfizer) कंपनी से खरीदने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है।
1,250 करोड़ रुपये के इस नए अधिग्रहण से कंपनी के बिजनेस को मिलेगा नया विस्तार
फाइजर से मिनिप्रेस और उसके ट्रेडमार्क अधिकारों को हासिल करने के लिए नोवार्टिस इंडिया द्वारा किए जा रहे इस सौदे की कुल वित्तीय लागत लगभग 1,250 करोड़ रुपये आंकी गई है। कंपनी के बोर्ड द्वारा इस भारी-भरकम निवेश को हरी झंडी मिलने के बाद से निवेशकों में यह सकारात्मक संदेश गया है कि नया प्रबंधन कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूत करने और भविष्य के विकास के लिए बहुत आक्रामक और स्पष्ट रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। मिनिप्रेस जैसे स्थापित और मजबूत ब्रांड के अधिकार अपने नाम करने से कंपनी के घरेलू कारोबार में और अधिक मजबूती आएगी तथा इसकी बाजार हिस्सेदारी बढ़ेगी। यही कारण है कि तमाम कॉरपोरेट हलचलों और बड़े बदलावों के बीच निवेशक इस शेयर को खरीदने के लिए टूट पड़े हैं, जिससे लगातार आठवें सत्र में भी इसमें 20 प्रतिशत का अपर सर्किट देखने को मिला है। बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में जब यह अधिग्रहण पूरी तरह से जमीन पर उतरेगा, तो कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में और भी अधिक सुधार देखने को मिल सकता है, हालांकि निवेशकों को इस प्रकार के तेज उतार-चढ़ाव वाले शेयरों में निवेश करने से पहले अपने स्तर पर पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।