पति-पत्नी मिलकर पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में लगाएं पैसे, 5 साल में बन जाएंगे 31 लाख से ज्यादा के मालिक! समझें पूरा कैलकुलेशन
मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा परिवारों के लिए सुरक्षित निवेश के साथ निश्चित रिटर्न हासिल करना हमेशा पहली प्राथमिकता रहती है। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में जहां बाजार के जोखिम का डर रहता है, वहीं भारतीय डाकघर (Post Office) की छोटी बचत योजनाएं केंद्र सरकार की 100% संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) के साथ पूरी सुरक्षा प्रदान करती हैं। यदि पति-पत्नी मिलकर अपने भविष्य, बच्चों की उच्च शिक्षा या किसी बड़े लक्ष्य के लिए एकमुश्त पूंजी को सुरक्षित बढ़ाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की 5 वर्षीय टाइम डिपॉजिट (Post Office Time Deposit / POTD) योजना एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रही है। इस स्कीम में ज्वाइंट अकाउंट खोलकर निवेश करने पर बिना किसी बाजार जोखिम के 5 वर्षों में 31 लाख रुपये से अधिक का बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है।
पोस्ट ऑफिस 5 वर्षीय टाइम डिपॉजिट (TD): नियम और ब्याज दरें
डाकघर टाइम डिपॉजिट योजना बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तरह ही काम करती है। इसमें 1 वर्ष, 2 वर्ष, 3 वर्ष और 5 वर्ष की अवधि के लिए पैसा जमा करने की सुविधा मिलती है। 5 साल की अवधि वाली टाइम डिपॉजिट पर वर्तमान में 7.5% वार्षिक ब्याज दर मिलती है।
इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका ब्याज कैलकुलेशन सिस्टम है। इसमें ब्याज की गणना तिमाही आधार पर (Quarterly Compounding) की जाती है और देय ब्याज का वार्षिक भुगतान या संचयी (Cumulative) आधार पर पुनर्निवेश किया जाता है। तिमाही चक्रवृद्धिकरण के कारण इसका प्रभावी वार्षिक रिटर्न (Effective Yield) 7.71% के करीब बैठता है, जो लंबी अवधि में पूंजी को तेजी से बढ़ाने में मदद करता है।
ज्वाइंट अकाउंट खोलने की सुविधा और निवेश सीमा
पोस्ट ऑफिस टीडी खाते की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है। न्यूनतम 1,000 रुपये से खाता खोला जा सकता है और इसके बाद 100 के गुणकों में कितनी भी रकम जमा की जा सकती है।
पति-पत्नी मिलकर इसमें 'ज्वाइंट 'A' या 'ज्वाइंट 'B' प्रकार का संयुक्त खाता खोल सकते हैं। ज्वाइंट खाते में दोनों खाताधारकों की बराबर हिस्सेदारी होती है। यदि किसी दंपती के पास किसी संपत्ति की बिक्री, ग्रेच्युटी, पीएफ या बचत का एकमुश्त पैसा उपलब्ध है, तो वे एक साथ इस खाते में पूंजी निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा 5 साल की टीडी में आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है।
5 साल में 31 लाख से अधिक पाने का पूरा गणित
यदि पति-पत्नी मिलकर इस 5-वर्षीय योजना में एकमुश्त 22 लाख रुपये की पूंजी का निवेश करते हैं, तो 7.5% वार्षिक (तिमाही चक्रवृद्धि) ब्याज दर के आधार पर 5 साल बाद मिलने वाली रकम का पूरा ब्योरा इस प्रकार रहेगा:
| विवरण | राशि / अवधि |
| निवेशक | पति और पत्नी (ज्वाइंट अकाउंट) |
| एकमुश्त कुल जमा राशि (Principal) | ₹22,00,000 (22 लाख रुपये) |
| वार्षिक ब्याज दर | 7.5% (त्रैमासिक कम्पाउंडिंग) |
| निवेश की कुल अवधि | 5 वर्ष (60 महीने) |
| 5 वर्षों में अर्जित कुल ब्याज | ₹9,89,885 (लगभग 9.90 लाख रुपये) |
| 5 साल बाद कुल मैच्योरिटी राशि | ₹31,89,885 (लगभग 31.90 लाख रुपये) |
(यदि दंपती 21.50 लाख रुपये का भी निवेश करते हैं, तब भी मैच्योरिटी पर कुल रकम ₹31,17,387 बनकर 31 लाख के आंकड़े को पार कर जाती है)।
तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) की ताकत
इस योजना में तिमाही आधार पर ब्याज मूलधन में जुड़ता जाता है, जिसके चलते हर तीन महीने बाद ब्याज पर भी ब्याज मिलना शुरू हो जाता है। उदाहरण के लिए, 22 लाख के मूलधन पर पहले साल लगभग 1.70 लाख रुपये का ब्याज अर्जित होता है। चूंकि यह रकम खाते में जुड़ती रहती है, इसलिए पांचवें वर्ष में सिर्फ एक साल का ब्याज बढ़कर 2.25 लाख रुपये से अधिक हो जाता है। यही कम्पाउंडिंग की ताकत है जो 5 साल में बिना किसी शेयर बाजार जोखिम के पूंजी में लगभग 10 लाख रुपये की अतिरिक्त वृद्धि कर देती है।
खाता खोलने की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
पोस्ट ऑफिस में 5 साल का टीडी ज्वाइंट अकाउंट खोलना बेहद आसान है। इसके लिए नजदीकी डाकघर में जाकर फॉर्म-1 (खाता खोलने का फॉर्म) भरना होता है। पति और पत्नी दोनों को अपने पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी), पैन कार्ड और हालिया पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करने होते हैं। यह प्रक्रिया चेक या ड्राफ्ट के माध्यम से पूरी की जा सकती है। इसके अलावा, यदि आपका पोस्ट ऑफिस में पहले से सेविंग्स अकाउंट और इंटरनेट बैंकिंग सक्रिय है, तो इसे घर बैठे ऑनलाइन 'इंडिया पोस्ट ई-बैंकिंग' पोर्टल के जरिए भी खोला जा सकता है।