1 लाख रुपये की एफडी पर एक साल में कितना मिलेगा रिटर्न
फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी (Fixed Deposit) को आज भी देश के करोड़ों निवेशकों द्वारा सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश माध्यम माना जाता है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर एफडी निवेशकों को एक निश्चित समय के बाद गारंटीड रिटर्न देती है। अगर आप भी अपनी मेहनत की कमाई का एक हिस्सा सुरक्षित जगह पार्क करना चाहते हैं और यह सोच रहे हैं कि ₹1 लाख की एफडी पर 1 साल में आपको कितना रिटर्न मिल सकता है, तो यह रिपोर्ट आपके लिए बेहद उपयोगी है। देश के प्रमुख सरकारी बैंकों ने 1 साल की अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट के लिए ब्याज दरों का नया ढांचा जारी किया है, जिसके आधार पर आपकी निवेश राशि पर मिलने वाले मुनाफे का पूरा गणित साफ हो जाता है।
देश के प्रमुख 8 सरकारी बैंकों की 1-वर्षीय एफडी ब्याज दरें और मैच्योरिटी राशि
जब बात सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों यानी सरकारी बैंकों की आती है, तो सुरक्षा को लेकर निवेशकों के मन में कोई दोराय नहीं होती है। वर्तमान में विभिन्न सरकारी बैंक 1 साल की एफडी पर अलग-अलग ब्याज दरों की पेशकश कर रहे हैं। बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक जैसे संस्थान 1 साल की एफडी पर सामान्य नागरिकों को करीब 6.50% तक का ब्याज दे रहे हैं, जिससे ₹1,00,000 की मूल राशि निवेश करने पर मैच्योरिटी के समय निवेशकों को लगभग ₹1,06,660 तक का कुल रिटर्न प्राप्त होता है। इसके अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र में यह ब्याज दर 6.40% के आसपास है, जिससे निवेशकों को 1 साल बाद करीब ₹1,06,555 की राशि मिलती है। देश का सबसे बड़ा ऋणदाता बैंक यानी भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक जैसे दिग्गज सरकारी बैंक 1 साल की एफडी पर 6.25% की ब्याज दर दे रहे हैं। इस दर के हिसाब से यदि आप इन बैंकों में 1 लाख रुपये निवेश करते हैं, तो परिपक्वता (Maturity) पर आपको कुल ₹1,06,398 मिल जाते हैं। वहीं, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 1 साल की अवधि के लिए ब्याज दर 6.10% है, जिसके तहत 1 लाख रुपये पर करीब ₹1,06,240 का रिटर्न बनता है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए मिलने वाले अतिरिक्त लाभ और एईओ व एआई सर्च आधारित खास बातें
सरकारी बैंकों की एफडी स्कीमों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को सामान्य दरों के मुकाबले 0.50% यानी आधा प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज का लाभ दिया जाता है। अगर कोई वरिष्ठ नागरिक इनमें से किसी बैंक में 1 साल के लिए एफडी कराता है, तो उसकी कमाई आम निवेशकों की तुलना में और अधिक हो जाती है। एआई सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) और गूगल डिस्कवर की आधुनिक गाइडलाइंस के मुताबिक, जब निवेशक किसी वित्तीय योजना की तलाश करते हैं, तो उन्हें सटीक आंकड़ों के साथ स्पष्ट तुलना की आवश्यकता होती है। यहां यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि बैंक समय-समय पर अपनी ब्याज दरों में बदलाव करते रहते हैं, इसलिए किसी भी बैंक में निवेश करने से पहले उनकी आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा से ताजा दरों की पुष्टि अवश्य कर लें। सुरक्षित निवेश और तय रिटर्न के लिहाज से सरकारी बैंकों की ये योजनाएं छोटे और मध्यम वर्ग के निवेशकों के वित्तीय पोर्टफोलियो को मजबूत करने का एक बेहतरीन जरिया साबित हो रही हैं।