दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग में चमके सोना और चांदी: चांदी 1.85 लाख के पार
दीपावली के पावन पर्व पर देश के सर्राफा और कमोडिटी बाजारों में जबर्दस्त रौनक और उत्साह देखने को मिला है। संवत के नए साल के शुभारंभ पर आयोजित होने वाले पारंपरिक और विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 के सत्र में सोने और चांदी दोनों ही कीमती धातुओं में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। देश के प्रमुख वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार के दौरान सोना और चांदी दोनों के भाव 500 रुपये से अधिक की छलांग लगाकर बंद हुए। इस दौरान निवेशकों और आभूषण खरीदारों की भारी मांग के चलते चांदी की कीमत एक बार फिर 1.85 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार निकल गई, जबकि सोना भी मजबूती के साथ 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से ऊपर कारोबार करता नजर आया।
रविवार का दिन होने की वजह से वैश्विक और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार पूरी तरह बंद रहे, लेकिन भारत में दीपावली के विशेष अवसर पर आयोजित मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में घरेलू निवेशकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यह विशेष सत्र केवल एक रस्मी शुरुआत नहीं रहा, बल्कि इसमें ठोस संस्थागत और खुदरा लिवाली देखने को मिली। बाजार के जानकारों के अनुसार, चूंकि दोनों कीमती धातुओं की कीमतें हाल के अपने रिकॉर्ड उच्च स्तरों से कुछ सुधरकर निचले स्तर पर आई थीं, इसलिए निवेशकों को इनमें लंबी अवधि के लिए खरीदारी का एक बेहतरीन और सुरक्षित अवसर दिखाई दिया। इसके अलावा पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व में जारी तनाव व भू-राजनीतिक संघर्षों के थमने की संभावनाओं और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की पारंपरिक चमक और अधिक बढ़ गई है।
एमसीएक्स पर सोने के भाव में ₹533 का उछाल, 1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंचा भाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान सोने के अनुबंधों में शुरुआत से ही लगातार खरीदारी का रुख बना रहा। कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमत 533 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़कर 1,42,700 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गई। इससे पहले बीते कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को सोने का वायदा भाव 1,42,167 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। रविवार को विशेष सत्र के दौरान सोने ने 1,42,163 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर स्थिर शुरुआत की थी।
जैसे-जैसे मुहूर्त ट्रेडिंग का समय आगे बढ़ा, खुदरा निवेशकों और बड़े ज्वैलर्स की तरफ से नए वित्तीय वर्ष के शगुन के सौदे दर्ज किए गए। दोपहर के कारोबार में करीब 3 बजकर 5 मिनट पर सोना 426 रुपये की मजबूत बढ़त बनाए रखते हुए 1,42,593 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास मजबूती से कारोबार कर रहा था। सोने में आई इस तेजी ने त्योहारी सीजन में फिजिकल गोल्ड खरीदने वाले आम ग्राहकों के साथ-साथ डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने वालों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय संस्कृति में दिवाली के दिन सोना खरीदना समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, जिसका सीधा असर इस विशेष सत्र में देखने को मिला।
चांदी में ₹552 की तूफानी बढ़त, 1.85 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को फिर किया पार
सोने के साथ-साथ सफेद धातु यानी चांदी ने भी दिवाली के दिन निवेशकों को बंपर रिटर्न का संकेत दिया। एमसीएक्स पर चांदी के वायदा भाव में मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान 552 रुपये प्रति किलोग्राम की जोरदार बढ़त दर्ज की गई, जिसके दम पर चांदी का भाव उछलकर 1,85,339 रुपये प्रति किलो के उच्च स्तर पर पहुंच गया। दोपहर 3 बजकर 7 मिनट के आसपास चांदी 248 रुपये की शुद्ध बढ़त के साथ 1,85,035 रुपये प्रति किलो के स्तर पर टिकी हुई थी।
सत्र की शुरुआत में चांदी 1,85,060 रुपये प्रति किलो के भाव पर खुली थी और दिन के कारोबार में इसने 1,84,800 रुपये प्रति किलो का निचला स्तर भी छुआ था। इससे पहले शुक्रवार को चांदी का वायदा भाव 1,84,787 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था। चांदी की इस तेजी के पीछे केवल त्योहारी शगुन ही नहीं, बल्कि औद्योगिक मांग भी एक बड़ा कारक बनकर उभरी है। सोलर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में चांदी की बढ़ती वैश्विक खपत ने इसे सिर्फ एक आभूषण तक सीमित न रखकर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक कमोडिटी बना दिया है, जिसके चलते इसमें निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है।
आगे कैसा रहेगा बाजार का मिजाज, वैश्विक परिस्थितियों और मांग पर टिकी रहेंगी निगाहें
कमोडिटी और वित्तीय बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि संवत के नए वर्ष में सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहने की पूरी संभावना है। दोनों धातुएं अपने पिछले उच्चतम शिखरों से सुधरकर अब एक मजबूत सपोर्ट लेवल पर आ चुकी हैं, जिसके कारण घरेलू और विदेशी दोनों तरह के निवेशकों की नजरें इन पर टिकी हुई हैं। आने वाले हफ्तों में वैश्विक केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियां, अमेरिकी डॉलर का रुख और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियां इन कीमती धातुओं की वास्तविक दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
घरेलू स्तर पर भारत में शादी-ब्याह का आगामी सीजन शुरू होने जा रहा है, जिससे खुदरा सर्राफा बाजार में आभूषणों की भौतिक मांग में और अधिक इजाफा होने की उम्मीद है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव में कमी आती है और मुद्रास्फीति के आंकड़े नियंत्रण में रहते हैं, तो भी सुरक्षित निवेश परिसंपत्ति के रूप में सोने-चांदी की बुनियादी मांग बनी रहेगी। कमोडिटी विश्लेषक निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे किसी भी बड़ी गिरावट पर चरणबद्ध तरीके से खरीदारी की रणनीति अपनाएं ताकि लंबी अवधि में अपने पोर्टफोलियो को विविधता और सुरक्षा प्रदान की जा सके।