UDID Card Kaise Banaye: दिव्यांग प्रमाणपत्र और विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID) कैसे बनवाएं? ऑनलाइन आवेदन, स्टेटस चेक और डाउनलोड की पूरी प्रक्रिया

UDID Card Kaise Banaye: दिव्यांग प्रमाणपत्र और विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID) कैसे बनवाएं? ऑनलाइन आवेदन, स्टेटस चेक और डाउनलोड की पूरी प्रक्रिया

देश के दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने, उन्हें पारदर्शी तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और बार-बार मेडिकल जांच व कागजी प्रमाणपत्रों के झंझट से मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (Unique Disability ID - UDID Card) जारी किया जाता है। पहले दिव्यांग प्रमाणपत्र (Disability Certificate) केवल जिला अस्पतालों या मेडिकल बोर्ड द्वारा कागजी प्रारूप में जारी किए जाते थे, जिन्हें संभालकर रखना और विभिन्न राज्यों में मान्यता दिलाना एक बड़ी चुनौती थी। अब 'स्वावलंबन' (Swavlamban) पोर्टल के माध्यम से पूरे देश में एक समान, बारकोड और क्यूआर कोड युक्त प्लास्टिक 'यूडीआईडी कार्ड' बनाया जा रहा है। यह कार्ड पूरे देश में वैध होता है और इसके जरिए रेलवे व बस रियायत, छात्रवृत्ति, पेंशन, सहायक उपकरण और आरक्षण की सुविधाएं आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं। यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य दिव्यांग प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड बनवाना चाहता है, तो घर बैठे ऑनलाइन आवेदन से लेकर डाउनलोड तक की पूरी प्रक्रिया बेहद सरल है।

यूडीआईडी (UDID) कार्ड क्या है और यह क्यों जरूरी है?

यूडीआईडी कार्ड एक केंद्रीयकृत, बायोमेट्रिक-सत्यापित और विशिष्ट डिजिटल पहचान पत्र है, जिसमें दिव्यांग व्यक्ति के स्वास्थ्य और दिव्यांगता का पूरा ब्योरा दर्ज होता है।

  • एकल दस्तावेज (Single Document of Identity): इस कार्ड के बन जाने के बाद दिव्यांगजनों को सरकारी विभागों, स्कूलों, कॉलेजों या यात्रा के दौरान मूल मेडिकल फाइलों की दर्जनों प्रतियां लेकर चलने की आवश्यकता नहीं होती।

  • अखिल भारतीय मान्यता (Pan-India Validity): राज्य स्तर पर बने पुराने प्रमाणपत्र कई बार दूसरे राज्यों में मान्य नहीं होते थे, जबकि यूडीआईडी कार्ड पूरे भारत में समान रूप से स्वीकार्य है।

  • रंग-आधारित पहचान: कार्ड पर दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर रंगीन धारियां (Color Coding) होती हैं—सफेद (40% से कम), पीला (40% से 79% तक) और नीला (80% या उससे अधिक गंभीर दिव्यांगता के लिए)।

आवेदन के लिए जरूरी पात्रता और आवश्यक दस्तावेज

यूडीआईडी कार्ड के लिए वे सभी व्यक्ति आवेदन कर सकते हैं जो 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (RPwD Act 2016) में सूचीबद्ध 21 प्रकार की दिव्यांगताओं (जैसे दृष्टिबाधित, मूक-बधिर, लोकोमोटर दिव्यांगता, मानसिक मंदता, ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी आदि) में से किसी से प्रभावित हैं। आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन की गई कॉपी तैयार रखें:

  1. हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो: जिसमें दिव्यांगता (यदि बाहरी रूप से दिखाई देती हो) स्पष्ट दिखे।

  2. हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान: सादे सफेद कागज पर लिया गया स्पष्ट स्कैन।

  3. पहचान का प्रमाण (Identity Proof): आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड या राशन कार्ड।

  4. निवास का प्रमाण (Address Proof): आधार कार्ड, बिजली बिल, अधिवास (Domicile) प्रमाणपत्र या बैंक पासबुक।

  5. पुराना दिव्यांगता प्रमाणपत्र (यदि पहले से बना हो): यदि जिला अस्पताल से पहले का कोई मेडिकल सर्टिफिकेट जारी हुआ है, तो उसका विवरण और पीडीएफ कॉपी।

  6. सक्रिय मोबाइल नंबर: पंजीकरण और ओटीपी सत्यापन के लिए।

स्वावलंबन पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

दिव्यांग प्रमाणपत्र और नए यूडीआईडी कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का पूरा तरीका इस प्रकार है:

  1. सबसे पहले सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल swavlambancard.gov.in पर जाएं।

  2. होमपेज पर दिए गए 'Apply for Disability Certificate & UDID Card' (दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड के लिए आवेदन करें) लिंक पर क्लिक करें।

  3. नए खुले फॉर्म में चार मुख्य भाग होंगे जिन्हें क्रमवार भरना होगा:

    • व्यक्तिगत विवरण (Personal Details): आवेदक का पूरा नाम (अंग्रेजी और हिंदी में), पिता/माता का नाम, जन्मतिथि, लिंग, मोबाइल नंबर, ईमेल और श्रेणी (General/OBC/SC/ST)।

    • पहचान और पता (Proof of Identity & Address): अपना वर्तमान और स्थायी पता भरें तथा पहचान प्रमाण के रूप में आधार विवरण दर्ज करें।

    • दिव्यांगता विवरण (Disability Details): अपनी दिव्यांगता का प्रकार चुनें (जैसे Locomotor, Visual Impairment, Hearing Impairment आदि)। यदि दिव्यांगता जन्मजात है या किसी दुर्घटना/बीमारी से हुई है, तो उसका चयन करें और अस्पताल का नाम चुनें।

    • दस्तावेज अपलोड (Upload Documents): अपनी फोटो, हस्ताक्षर, पहचान प्रमाण और निवास प्रमाण को निर्धारित साइज (JPG/PDF) में अपलोड करें।

  4. सभी विवरणों की पुनः जांच करें और 'Submit' बटन पर क्लिक करें।

  5. फॉर्म सबमिट होते ही स्क्रीन पर एक नामांकन संख्या (Enrolment Number / Application Number) प्रदर्शित होगी। इसका प्रिंट निकाल लें या एसएमएस के जरिए आए नंबर को सुरक्षित रख लें।

मेडिकल असेसमेंट और जिला अस्पताल में जांच की प्रक्रिया

ऑनलाइन फॉर्म जमा होने के बाद का चरण मेडिकल जांच (Medical Assessment) का होता है:

  • दस्तावेजों का सत्यापन: आपके जिले का समाज कल्याण विभाग या मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय आपके ऑनलाइन फॉर्म की प्राथमिक जांच करेगा।

  • अस्पताल से बुलावा: सत्यापन के बाद आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से तारीख और समय की सूचना भेजी जाएगी, जिस दिन आपको नजदीकी नामित जिला अस्पताल या मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होना होगा।

  • शारीरिक परीक्षण: विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम आवेदक की शारीरिक या मानसिक स्थिति का परीक्षण करेगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर दिव्यांगता का सटीक प्रतिशत (Disability Percentage) निर्धारित करेगी।

  • डिजिटल अनुमोदन: मेडिकल बोर्ड अपनी रिपोर्ट सीधे स्वावलंबन पोर्टल पर अपलोड कर देगा और डिजिटल रूप से प्रमाणपत्र स्वीकृत (Approve) कर देगा।

यूडीआईडी कार्ड का स्टेटस (Status) कैसे चेक करें?

आवेदन के बाद कार्ड किस स्तर पर लंबित है, यह जानने के लिए इन चरणों का पालन करें:

  1. पोर्टल swavlambancard.gov.in पर जाएं।

  2. होमपेज पर 'Track Your Application Status' विकल्प पर क्लिक करें।

  3. अपना Enrolment / Application Number या पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।

  4. 'Go' बटन पर क्लिक करते ही स्क्रीन पर आवेदन की अद्यतन स्थिति दिखाई देगी (जैसे—दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल बोर्ड समीक्षा, या कार्ड डिस्पैच)।

दिव्यांग प्रमाणपत्र और UDID Card ऑनलाइन कैसे डाउनलोड करें?

मेडिकल बोर्ड द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद आवेदक को कार्ड के डाक से घर पहुंचने का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है; वे तुरंत डिजिटल कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं:

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'Download your e-Disability Certificate & e-UDID Card' लिंक पर क्लिक करें।

  2. अपना Enrolment Number / UDID Number और जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करें।

  3. स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरकर 'Login' करें।

  4. आपके व्यक्तिगत डैशबोर्ड में दो विकल्प दिखाई देंगे—

    • 'Download Disability Certificate' (डिजिटल मेडिकल सर्टिफिकेट)

    • 'Download UDID Card' (कलर डिजिटल कार्ड)

  5. दोनों दस्तावेजों को पीडीएफ प्रारूप में डाउनलोड कर लें। यह डिजिटल ई-कार्ड सभी सरकारी और गैर-सरकारी कार्यों के लिए मूल कार्ड की तरह ही 100% मान्य है।

यूडीआईडी कार्ड धारकों को मिलने वाले प्रमुख लाभ

  • रेलवे और राज्य बस परिवहन में रियायत: रेलवे के रियायती ई-टिकट पोर्टल पर यूडीआईडी नंबर दर्ज करके सीधे किराए में छूट प्राप्त की जा सकती है।

  • दिव्यांग पेंशन योजना: राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली मासिक पेंशन सीधे खाते में प्राप्त करने के लिए यूडीआईडी अनिवार्य हो चुका है।

  • मुफ्त कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण: एडिप (ADIP) योजना के तहत ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड और कैलिपर्स जैसे उपकरण शिविरों से आसानी से मिल जाते हैं।

  • शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण: शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और नौकरियों में 4% दिव्यांग आरक्षण का लाभ उठाने के लिए यह सबसे प्रामाणिक दस्तावेज है।

  • आयकर में छूट: आयकर अधिनियम की धारा 80U के तहत टैक्स छूट का दावा करने के लिए यूडीआईडी कार्ड का विवरण सीधे उपयोग में लाया जा सकता है।