दीवाली से पहले 10, 20 और 50 के नोट बंद होने की उड़ी अफवाह? PIB फैक्ट चेक में सामने आई पूरी सच्चाई, जानें RBI का क्या है नियम

दीवाली से पहले 10, 20 और 50 के नोट बंद होने की उड़ी अफवाह? PIB फैक्ट चेक में सामने आई पूरी सच्चाई, जानें RBI का क्या है नियम

त्योहारी सीजन और दिवाली की खरीदारी से ठीक पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—व्हाट्सएप, फेसबुक और यूट्यूब—पर एक सनसनीखेज दावा तेजी से वायरल होने लगा। वायरल संदेशों और वीडियो में यह दावा किया गया कि केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) दीवाली से पहले 10, 20 और 50 रुपये के पुराने नोटों को पूरी तरह बंद (Demonetise) करने जा रहे हैं। संदेश में यह भी कहा गया कि एक निश्चित तारीख के बाद ये नोट कानूनी निविदा (Legal Tender) नहीं रहेंगे और बाजारों में इन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस तरह की अपुष्ट खबरों के फैलने से आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों में असमंजस और घबराहट की स्थिति पैदा हो गई।

पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक ने खोली फर्जी दावे की पोल

सोशल मीडिया पर फैल रहे इस भ्रम को दूर करने के लिए भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय की तथ्य-जांच इकाई यानी पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने त्वरित पड़ताल की। पीआईबी ने आधिकारिक बयान जारी कर इस वायरल दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'पूरी तरह फर्जी और भ्रामक' करार दिया है। पीआईबी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार या भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से 10, 20 या 50 रुपये के नोटों को बंद करने अथवा उनके चलन पर किसी भी प्रकार की रोक लगाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। पीआईबी ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे भ्रामक संदेशों पर बिल्कुल विश्वास न करें और न ही बिना आधिकारिक पुष्टि के इन्हें आगे फॉरवर्ड करें।

क्या 10, 20 और 50 रुपये के सभी नोट वैध हैं?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, देश में वर्तमान में चल रहे 10, 20 और 50 रुपये के सभी वैध नोट—चाहे वे पुरानी सीरीज के हों या नए रंग-रूप और डिजाइन वाली नई महात्मा गांधी सीरीज के हों—पूरी तरह से वैध और मान्य हैं। बाजार में किसी भी लेन-देन के लिए इन्हें स्वीकार करना अनिवार्य है। केंद्रीय बैंक समय-समय पर नई सुरक्षा विशेषताओं वाले नोट जारी करता है, लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं होता कि पुरानी सीरीज के नोट अमान्य हो गए हैं। पुराने और नए दोनों प्रकार के नोट समानांतर रूप से बाजार में चलन में बने रहते हैं।

अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर करें भरोसा

त्योहारों के समय अक्सर असमाजिक तत्व इस तरह की फर्जी खबरें फैलाकर बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। किसी भी नोट या बैंकिंग नियमों से जुड़े बदलाव की जानकारी केवल आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट (rbi.org.in) या सरकार के अधिकृत प्रेस नोट के माध्यम से ही जारी की जाती है। यदि किसी नागरिक को सोशल मीडिया पर ऐसी कोई संदिग्ध खबर या पोस्ट दिखाई देती है, तो वह सीधे पीआईबी फैक्ट चेक की हेल्पलाइन नंबर या आधिकारिक ईमेल (factcheck@pib.gov.in) पर भेजकर उसकी सत्यता की पुष्टि कर सकता है।