PM-Kisan Big Update: क्या ₹6,000 की जगह अब किसानों को मिलेंगे सालाना ₹10,000? वायरल दावे पर कृषि मंत्रालय और PIB ने तोड़ी चुप्पी; जानिए सच्चाई
पिछले कुछ दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, व्हाट्सएप ग्रुप्स और यूट्यूब वीडियो में एक खबर तेजी से प्रसारित हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता में बड़ा इजाफा किया है।
वायरल पोस्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि:
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किसानों को अब हर साल ₹6,000 की जगह ₹10,000 की आर्थिक मदद दी जाएगी।
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चार-चार महीने पर आने वाली ₹2,000 की तीन किस्तों के स्थान पर अब ₹2,500 की चार किस्तें या सीधे बढ़ाई गई राशि बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
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कुछ वायरल वीडियोज में तो नई किस्त के लिए एक फर्जी लिंक पर क्लिक करके 'रजिस्ट्रेशन अपग्रेड' करने की सलाह भी दी जा रही है।
इस दावे के बाद देश भर के करोड़ों लाभार्थी किसान भाइयों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई।
PIB Fact Check और सरकार का रुख: दावा पूरी तरह फर्जी और भ्रामक
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक विंग और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इस वायरल दावे की जांच की और स्पष्ट किया है कि यह दावा पूरी तरह फर्जी, निराधार और भ्रामक है।
सरकार की ओर से जारी स्पष्टीकरण के मुख्य बिंदु:
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कोई वृद्धि नहीं: केंद्र सरकार ने पीएम-किसान योजना की वार्षिक राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹10,000 करने का ऐसा कोई आधिकारिक आदेश या अधिसूचना जारी नहीं की है।
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मौजूदा नियम ही लागू: योजना के तहत पहले की तरह पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की वित्तीय सहायता ही दी जाएगी, जो ₹2,000-₹2,000 की तीन समान किस्तों में सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए आधार-सीडेड बैंक खातों में भेजी जाती है।
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फर्जी लिंक से सावधान: साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह ऐसे भ्रामक संदेशों के साथ फर्जी यूआरएल (APK फाइल्स या फिशिंग लिंक्स) जोड़कर किसानों का व्यक्तिगत डेटा और बैंक विवरण चुराने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर ही भरोसा करें।
भ्रम की वजह क्या बनी? कुछ राज्यों की टॉप-अप योजनाएं
पीएम-किसान योजना की राशि बढ़ने की इस अफवाह के पीछे कुछ राज्यों द्वारा चलाई जा रही समानांतर किसान योजनाएं प्रमुख कारण रहीं, जिन्हें सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय स्तर का बताकर पेश किया गया:
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महाराष्ट्र की 'नमो शेतकरी महासंमान निधि': महाराष्ट्र सरकार केंद्र के ₹6,000 के अतिरिक्त राज्य के किसानों को ₹6,000 प्रति वर्ष अपनी तरफ से देती है, जिससे वहां के किसानों को कुल ₹12,000 मिलते हैं।
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मध्य प्रदेश की 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना': मध्य प्रदेश सरकार भी राज्य के किसानों को ₹6,000 का अतिरिक्त टॉप-अप देती है।
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राजस्थान सरकार की किसान सम्मान निधि बढ़ोतरी: राजस्थान जैसे राज्यों में भी राज्य बजट से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि जोड़ी गई है।
इन राज्य-स्तरीय विशेष योजनाओं को कुछ लोगों ने तोड़-मरोड़कर यह प्रचारित कर दिया कि केंद्र सरकार ने पूरे देश के लिए पीएम-किसान की मूल राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी है।
आगामी किस्त का लाभ पाने के लिए ये 3 काम हैं अनिवार्य
कृषि मंत्रालय ने साफ किया है कि पात्र किसानों को अपनी नियमित ₹2,000 की किस्त बिना किसी रुकावट के पाने के लिए अपने खाते में तीन प्रक्रियाएं पूरी रखना अनिवार्य है:
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1. ई-केवाईसी (e-KYC): पोर्टल पर जाकर आधार नंबर और ओटीपी के माध्यम से अथवा 'PM-Kisan Mobile App' पर फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) से अपनी ई-केवाईसी पूरी करें।
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2. भूमि विवरण की सीडिंग (Land Seeding): राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार अपनी कृषि भूमि का सत्यापन राज्य के कृषि या राजस्व विभाग के पोर्टल पर 'Yes' होना आवश्यक है।
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3. बैंक खाता आधार और NPCI से लिंक: बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए और उसमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के लिए आधार मैपिंग अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
आधिकारिक स्थिति एक नज़र में
| विवरण | वायरल दावा | आधिकारिक वास्तविक स्थिति |
| सालाना वित्तीय सहायता | ₹10,000 प्रति वर्ष | ₹6,000 प्रति वर्ष (अपरिवर्तित) |
| किस्त का स्वरूप | ₹2,500 की 4 किस्तें | ₹2,000 की 3 समान किस्तें |
| अधिसूचना / आदेश | सरकार द्वारा कथित मंजूरी | पूरी तरह फर्जी (Fake News) |
| सत्यापन संस्था | अज्ञात सोशल मीडिया हैंडल्स | PIB Fact Check व कृषि मंत्रालय |
| आधिकारिक वेबसाइट | विभिन्न अनधिकृत लिंक्स | pmkisan.gov.in |