बिहार में सम्राट युग शपथ लेते ही गूंजे बुलडोजर बाबा के नारे, क्या यूपी की तर्ज पर बिहार में लागू होगा योगी मॉडल?
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में 15 अप्रैल 2026 की तारीख ऐतिहासिक दर्ज हो गई है। सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य में 'सम्राट युग' का आगाज कर दिया है। लेकिन शपथ ग्रहण के साथ ही सबसे ज्यादा चर्चा जिस शब्द की हो रही है, वह है 'बुलडोजर'। पटना की सड़कों पर सम्राट के समर्थकों ने उन्हें 'बिहार का बुलडोजर बाबा' करार देते हुए जमकर नारेबाजी की, जिससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में बिहार की कानून-व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सम्राट चौधरी: अपराधियों के लिए 'काल' और समर्थकों के लिए 'बुलडोजर बाबा'
सम्राट चौधरी अपनी आक्रामक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। गृह मंत्री रहते हुए उन्होंने कई बार मंचों से अपराधियों को चेतावनी दी है कि वे या तो अपराध छोड़ दें या फिर उनका 'गयाजी में पिंडदान' कर दिया जाएगा।
नया संबोधन: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को जिस तरह 'बुलडोजर बाबा' कहा जाता है, ठीक उसी तर्ज पर अब सम्राट चौधरी के लिए यह संबोधन इस्तेमाल होने लगा है।
योगी मॉडल की चर्चा: सियासी गलियारों में सवाल उठ रहा है कि क्या सम्राट अब अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलवाएंगे और 'एनकाउंटर' वाली नीति अपनाएंगे?
बीते 4 महीनों में बढ़ा बुलडोजर का खौफ
दरअसल, बिहार में बुलडोजर की गूंज नई नहीं है। पिछले 4 महीनों में, जब सम्राट चौधरी गृह विभाग देख रहे थे, तब राज्य के कई हिस्सों में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई है:
पटना से सीमावर्ती जिलों तक: राजधानी पटना के साथ-साथ नेपाल और बंगाल की सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है।
अमित शाह का प्लान: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ और अवैध कब्जों को लेकर एक विशेष ऐक्शन प्लान तैयार किया है, जिसे अब सम्राट सरकार तेजी से लागू कर सकती है।
विपक्ष का पलटवार: 'बिहार को प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे'
सम्राट चौधरी के इस 'बुलडोजर राज' की संभावना पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। सीपीआई माले (CPI-ML) के राज्य सचिव कुणाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा:
"भाजपा बिहार को अपनी तानाशाही और 'बुलडोजर राज' की प्रयोगशाला बनाना चाहती है। बिहार की धरती ने हमेशा सत्ता के अहंकार को चुनौती दी है और हम इस तानाशाही परियोजना का पूरी ताकत से मुकाबला करेंगे।"
क्या है 'योगी मॉडल' और बिहार की चुनौतियां?
योगी मॉडल का अर्थ है अपराधियों के प्रति 'जीरो टॉलरेंस', उनकी संपत्तियों की कुर्की/ध्वस्तीकरण और पुलिस को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की खुली छूट।
चुनौतियां: बिहार में लूट, हत्या और डकैती जैसे संगठित अपराध अभी भी बड़ी चुनौती हैं।
आलोचना: हालांकि योगी मॉडल की मानवाधिकार संगठनों और अदालतों द्वारा आलोचना भी होती रही है, लेकिन भाजपा समर्थकों के बीच इसे सुशासन का पर्याय माना जाता है।