Budget 2026 Reaction : निर्मला जी ने बॉल मिस कर दी,शशि थरूर का बजट पर तंज, कहा- बेरोजगारी से युवा परेशान

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News India Live, Digital Desk: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए यूनियन बजट 2026 पर विपक्ष ने कड़ा प्रहार किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने इस बजट को पूरी तरह से 'निराशाजनक' (Underwhelming) करार दिया है। थरूर ने क्रिकेट की शब्दावली का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने एक शानदार मौका गंवा दिया है और वे इस बजट के जरिए देश की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी का समाधान करने में विफल रही हैं।

'मिस द बॉल': थरूर का क्रिकेटिया तंज

बजट भाषण के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शशि थरूर ने कहा, "मुझे नहीं पता कि वे स्टंप हुई हैं या नहीं, लेकिन ऐसा लगता है कि उन्होंने पूरी तरह से बॉल मिस कर दी है।" थरूर का मानना है कि बजट में विजन की कमी थी और इसमें आम आदमी की जेब में पैसा पहुंचाने की कोई ठोस योजना नहीं दिखी।

आम आदमी की उपेक्षा: थरूर ने कहा कि आज देश का 'आम आदमी' कर्ज के बोझ तले दबा है और क्रेडिट कार्ड का कर्ज लगातार बढ़ रहा है, लेकिन बजट में उन्हें कोई राहत नहीं दी गई।

फिस्कल डेफिसिट: उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का जिक्र करते हुए कहा कि कभी 3.5% का लक्ष्य रखा जाता था, लेकिन आज सरकार बहुत अधिक आंकड़ों पर खुद की पीठ थपथपा रही है।

बेरोजगारी: सबसे बड़ा 'अनुत्तरित प्रश्न'

शशि थरूर ने बजट की सबसे बड़ी कमी बेरोजगारी पर ध्यान न देना बताया। उन्होंने कुछ हैरान करने वाले उदाहरण दिए:

पीएचडी धारक चपरासी की लाइन में: थरूर ने कहा कि आज रेलवे में चपरासी या हेड कांस्टेबल के एक पद के लिए हजारों आवेदन आते हैं, जिनमें ग्रेजुएट और पीएचडी डिग्री धारक युवा भी शामिल हैं। यह देश में रोजगार की भयानक स्थिति को दर्शाता है।

रोजगार सृजन का रोडमैप गायब: उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे बजट भाषण में इस बात का कोई जिक्र नहीं था कि आने वाले समय में नए रोजगार कैसे पैदा किए जाएंगे। केवल 'युवा शक्ति' जैसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है।

केरल को फिर किया गया नजरअंदाज

केरल से सांसद होने के नाते थरूर ने राज्य की अनदेखी पर भी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा:

AIIMS का इंतजार: केरल को करीब 15 साल पहले AIIMS का वादा किया गया था, जो आज तक हकीकत नहीं बन पाया।

तटीय कटाव: थरूर ने कहा कि समुद्र के कारण होने वाले तटीय कटाव (Coastal Erosion) से भारत माता की जमीन का नुकसान हो रहा है, लेकिन सरकार इसे चीन के अतिक्रमण जैसा गंभीर नहीं मानती और बजट में इसके लिए कोई फंड नहीं दिया