Budget 2026 : मिडिल क्लास की बल्ले-बल्ले टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव और ₹12.2 लाख करोड़ का इंफ्रा बूस्टर

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News India Live, Digital Desk : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर इतिहास रच दिया। मोदी सरकार 3.0 के इस अहम बजट में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए नए टैक्स स्लैब का ऐलान किया गया है। 'विकसित भारत' के संकल्प को गति देने के लिए सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन पर सबसे अधिक दांव लगाया है।

नए टैक्स स्लैब का ऐलान: अब ₹4 लाख तक कोई टैक्स नहीं

टैक्सपेयर्स के लिए इस बजट में सबसे बड़ी खुशखबरी आई है। वित्त मंत्री ने 'न्यू टैक्स रिजीम' के तहत छूट की सीमा को बढ़ा दिया है। अब ₹4 लाख तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।

नया टैक्स स्लैब एक नजर में:

0 से ₹4 लाख: कोई टैक्स नहीं (Nil)

₹4 लाख से ₹8 लाख: 5%

₹8 लाख से ₹12 लाख: 10%

₹12 लाख से ₹16 लाख: 15%

₹16 लाख से ₹20 लाख: 20%

₹20 लाख से ₹24 लाख: 25%

₹24 लाख से ऊपर: 30%

इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश: ₹12.2 लाख करोड़ का 'कैपेक्स'

देश की इकोनॉमी को रफ्तार देने के लिए सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है। यह पिछले साल की तुलना में करीब 9% अधिक है। इस भारी निवेश का बड़ा हिस्सा नई सड़कों, पुलों और रेलवे प्रोजेक्ट्स पर खर्च होगा।

हाइ-स्पीड रेल और सेमीकंडक्टर पर बड़ा फोकस

रेलवे के लिए सरकार ने 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा की है, जो प्रमुख आर्थिक शहरों को जोड़ेंगे। इसके अलावा, भारत को चिप निर्माण का वैश्विक हब बनाने के लिए 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0' लॉन्च किया गया है, जिसके लिए ₹40,000 करोड़ का आवंटन हुआ है।

MSME और युवाओं के लिए नौकरियों की सौगात

छोटे उद्योगों (MSME) को मजबूती देने के लिए ₹10,000 करोड़ का 'SME ग्रोथ फंड' बनाया गया है। साथ ही, रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक 'हाइ-पावर्ड एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट' कमेटी के गठन का प्रस्ताव है। गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी बॉय और फ्रीलांसर) को भी अब सामाजिक सुरक्षा और पहचान पत्र का लाभ मिलेगा।

बजट की अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं:

ITR फाइलिंग: संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की समय सीमा बढ़ाकर 4 साल कर दी गई है।

शिक्षा और स्वास्थ्य: चिकित्सा और विदेश में शिक्षा के लिए रेमिटेंस पर TCS दर 5% से घटाकर 2% की गई।

खनिज गलियारे: ओडिशा, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' बनाए जाएंगे।

शहरी विकास: अगली पीढ़ी के शहरों के लिए ₹1 लाख करोड़ का 'अर्बन चैलेंज फंड'।