तेजस्वी यादव की हार पर भाई वीरेंद्र ने फोड़ा टिकट बम, आरजेडी में मची हलचल
News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति में वैसे तो बयानबाजी का दौर थमता नहीं है, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है। चुनाव खत्म होने के बाद हार-जीत की समीक्षा तो हर पार्टी करती है, लेकिन आरजेडी (RJD) के अंदर जो गुस्सा पनप रहा था, वह अब जुबां पर आने लगा है। पार्टी के पुराने और कद्दावर नेता भाई वीरेंद्र ने अपनी ही पार्टी की रणनीतियों पर जो सवाल उठाए हैं, उसने राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।
देखा जाए तो हार के बाद अमूमन विपक्षी दलों पर ठीकरा फोड़ा जाता है, पर भाई वीरेंद्र ने सीधा निशाना तेजस्वी यादव के 'टिकट वितरण' वाले फैसले पर साधा है। उनका साफ़ कहना है कि पार्टी की जो करारी हार हुई है, उसके पीछे गलत तरीके से बांटे गए टिकट एक बड़ी वजह हैं। यह पहली बार है जब घर के ही किसी सदस्य ने सार्वजनिक रूप से इस नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, कार्यकर्ताओं के बीच भी यह चर्चा काफी समय से थी कि क्या जमीन से जुड़े लोगों को दरकिनार कर दिया गया? भाई वीरेंद्र का मानना है कि चुनाव सिर्फ बड़े चेहरों और वादों से नहीं जीते जाते, उसके लिए सही कैंडिडेट का सही जगह पर होना जरूरी है। अगर पार्टी की हार इतनी बड़ी रही है, तो कहीं न कहीं रणनीतिकारों से बड़ी चूक हुई है। उनके इस बयान के बाद तेजस्वी यादव और आरजेडी की जोड़ी के लिए जवाब देना मुश्किल हो रहा है।
राजनीति में कहा जाता है कि अगर आपके अपने ही आपसे नाराज हों, तो रास्ता मुश्किल हो जाता है। भाई वीरेंद्र के तेवर देखकर लग रहा है कि आरजेडी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। कार्यकर्ताओं के मन में भी अब ये सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई किसी के करीबियों को टिकट देने के चक्कर में निष्ठावान कार्यकर्ताओं को भूल गए थे?
खैर, हार की कड़वाहट जब सामने आती है, तो ऐसी बातें अक्सर सुनने को मिलती हैं, लेकिन देखना ये होगा कि क्या तेजस्वी इन कमियों को स्वीकार करते हैं या फिर ये मनमुटाव आने वाले दिनों में किसी नए सियासी संकट की आहट है।