Breast Cancer : इन शुरुआती लक्षणों को बिल्कुल न करें नज़रअंदाज़, समय पर पहचान ही है बचाव

Post

News India Live, Digital Desk : Breast Cancer : आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में महिलाएं अक्सर अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना भूल जाती हैं। घर-परिवार की ज़िम्मेदारियों के बीच वे शरीर में हो रहे छोटे-मोटे बदलावों पर ध्यान नहीं देतीं, जो आगे चलकर किसी गंभीर बीमारी का रूप ले सकते हैं। स्तन कैंसर या ब्रेस्ट कैंसर एक ऐसी ही गंभीर बीमारी है, जो महिलाओं में बहुत आम है।अच्छी बात यह है कि अगर इसके शुरुआती लक्षणों को समय पर पहचान लिया जाए, तो इसका सफल इलाज संभव है।

आइए, जानते हैं स्तन कैंसर के उन शुरुआती संकेतों के बारे में, जिन्हें किसी भी महिला को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।

स्तन कैंसर क्या है?

स्तन कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसमें स्तन की कोशिकाएं असामान्य रूप से और अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं इकट्ठी होकर एक गांठ या ट्यूमर बना लेती हैं। यह बीमारी ज़्यादातर महिलाओं में होती है, लेकिन बहुत कम मामलों में यह पुरुषों को भी हो सकती है।यह जानना ज़रूरी है कि स्तन में होने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन किसी भी तरह की गांठ महसूस होने पर डॉक्टर से जांच कराना बेहद ज़रूरी है।

स्तन कैंसर के 5 शुरुआती लक्षण

  1. स्तन या बगल में गांठ महसूस होना: यह स्तन कैंसर का सबसे आम और पहला लक्षण है।अगर आपको अपने स्तन में या बगल (कांख) के हिस्से में कोई कठोर गांठ महसूस होती है, जिसमें दर्द न भी हो, तो इसे गंभीरता से लें।
  2. स्तन के आकार या रूप में बदलाव: अगर आपको अपने स्तन के आकार या साइज़ में कोई बदलाव नज़र आता है, जैसे एक स्तन का दूसरे से अलग दिखना या उसमें सूजन आना, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। स्तन की त्वचा का चपटा होना या उसमें कोई असमानता दिखना भी एक शुरुआती लक्षण हो सकता है।
  3. निप्पल में बदलाव: निप्पल का अंदर की ओर धंस जाना, उसमें जलन या खुजली होना, या उसके आस-पास की त्वचा का पपड़ीदार होना भी एक संकेत हो सकता है
  4. निप्पल से डिस्चार्ज: अगर बिना प्रेगनेंसी या स्तनपान के निप्पल से दूध के अलावा कोई और तरल पदार्थ निकलता है, खासकर अगर वह चिपचिपा, लाल या भूरे रंग का हो, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें।
  5. त्वचा में बदलाव और दर्द: स्तन की त्वचा का लाल होना, उसमें संतरे के छिलके जैसा डिंपल या गड्ढा दिखना या सिकुड़न आना भी एक लक्षण है। इसके अलावा, अगर स्तन या बगल में ऐसा दर्द हो जो पीरियड्स के बाद भी बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।

ख़ुद कैसे करें जांच?

स्तन कैंसर की पहचान के लिए "ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जाम" एक बहुत ही कारगर तरीका है। महिलाएं महीने में एक बार, पीरियड्स खत्म होने के बाद शीशे के सामने खड़े होकर और लेटकर अपने स्तनों की जांच कर सकती हैं।

  • देखें: शीशे के सामने खड़े होकर अपने स्तनों के आकार, रंग और त्वचा में किसी भी तरह के बदलाव को ध्यान से देखें।
  • महसूस करें: हाथ की तीन उंगलियों से हल्के दबाव के साथ पूरे स्तन और बगल को गोल-गोल घुमाकर जांचें कि कहीं कोई गांठ या असामान्य बदलाव तो महसूस नहीं हो रहा।

बचाव ही सबसे अच्छा उपाय है

स्तन कैंसर को पूरी तरह से रोकना शायद संभव न हो, लेकिन एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसके ख़तरे को काफ़ी हद तक कम किया जा सकता है:

  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • वजन को नियंत्रित रखें।
  • पौष्टिक और संतुलित आहार लें।
  • शराब और धूम्रपान जैसी आदतों से दूर रहें।

याद रखें, जागरूकता और समय पर की गई जांच इस गंभीर बीमारी से लड़ने में सबसे बड़े हथियार हैं। अपने शरीर में होने वाले किसी भी बदलाव को लेकर सजग रहें और कुछ भी असामान्य लगने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।