Breakfast For women : बदल लें सुबह की ये 6 आदतें पीसीओएस, थायराइड और हेयर फॉल जैसी बीमारियां होंगी छूमंतर
News India Live, Digital Desk: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते लाइफस्टाइल का सबसे बुरा असर महिलाओं की सेहत पर पड़ रहा है। हार्मोनल इम्बैलेंस (Hormonal Imbalance) एक ऐसी समस्या बन गई है जो अकेले अपने साथ पीसीओएस (PCOS), थायराइड, बालों का झड़ना, अचानक वजन बढ़ना और मूड स्विंग्स जैसी कई परेशानियां लेकर आती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि दवाओं से ज्यादा आपका 'मॉर्निंग रूटीन' इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने में कारगर हो सकता है। अगर आप भी सुबह उठते ही थकान महसूस करती हैं, तो आपको बस अपनी 6 आदतों में सुधार करने की जरूरत है।
1. सूरज की पहली किरण और प्राकृतिक रोशनी
सुबह उठते ही सबसे पहले अपने कमरे के पर्दे खोलें और कुछ देर प्राकृतिक रोशनी में बिताएं। सूर्य की रोशनी हमारे 'सर्कैडियन रिदम' (Circadian Rhythm) को रेगुलेट करती है, जिससे शरीर में मेलाटोनिन और कोर्टिसोल हार्मोन का संतुलन बना रहता है। यह न केवल आपके थायराइड फंक्शन में सुधार करता है बल्कि रात को अच्छी नींद लाने में भी मदद करता है।
2. कैफीन से पहले 'हार्मोन-फ्रेंडली' ड्रिंक
ज्यादातर महिलाओं की आदत होती है सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीने की। एक्सपर्ट्स के अनुसार, खाली पेट कैफीन लेने से कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) लेवल बढ़ जाता है, जो पीसीओएस और थायराइड को बिगाड़ सकता है। इसकी जगह अपने दिन की शुरुआत गुनगुने पानी, दालचीनी की चाय या भीगे हुए मेवों के साथ करें। यह आपके मेटाबॉलिज्म को किक-स्टार्ट करता है।
3. प्रोटीन से भरपूर नाश्ता (Protein Rich Breakfast)
हार्मोनल संतुलन के लिए नाश्ते में प्रोटीन का होना अनिवार्य है। सुबह के समय अंडे, पनीर, स्प्राउट्स या दाल का चीला जैसे विकल्प चुनें। प्रोटीन आपके ब्लड शुगर को स्थिर रखता है, जिससे दिनभर होने वाले 'मूड स्विंग्स' और मीठा खाने की क्रेविंग (Sugar Cravings) कम हो जाती है। यह हेयर फॉल रोकने और नए बालों के विकास के लिए भी जरूरी है।
4. 15 मिनट का माइंडफुल मूवमेंट
जरूरी नहीं कि आप जिम ही जाएं, लेकिन सुबह 15 से 20 मिनट का योग, स्ट्रेचिंग या वॉक जरूर करें। योग के कुछ खास आसन जैसे 'बटरफ्लाई पोज़' या 'भुजंगासन' पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाते हैं, जो पीसीओएस और पीरियड्स की अनियमितता को दूर करने में रामबाण साबित होते हैं।
5. गैजेट्स से दूरी और 'मी-टाइम'
उठते ही फोन चेक करना आपके दिमाग को तुरंत तनाव (Stress) में डाल देता है। सुबह के पहले एक घंटे को 'डिजिटल डिटॉक्स' की तरह बिताएं। गहरी सांस लेने का अभ्यास (Deep Breathing) या मेडिटेशन करें। यह आपके नर्वस सिस्टम को शांत करता है और एड्रिनल ग्लैंड्स पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है, जिससे मूड बेहतर रहता है।
6. हाइड्रेशन का रखें खास ख्याल
रात भर सोने के बाद हमारा शरीर डिहाइड्रेटेड होता है। सुबह पर्याप्त पानी पीना शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने के लिए जरूरी है। अगर शरीर में टॉक्सिन्स जमा रहेंगे, तो लिवर हार्मोन्स को सही से प्रोसेस नहीं कर पाएगा। आप पानी में थोड़ा नींबू या अदरक मिलाकर इसे 'डिटॉक्स ड्रिंक' भी बना सकती हैं