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April 10 2026 07:53 am

चश्मा उतर जाएगा और रोशनी होगी तेज आंखों के लिए वरदान हैं ये 5 योगासन, डिजिटल थकान से भी मिलेगी राहत

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News India Live, Digital Desk : आज के डिजिटल युग में हमारा ज्यादातर समय लैपटॉप, स्मार्टफोन और टीवी स्क्रीन के सामने गुजरता है। घंटों स्क्रीन देखने की वजह से आंखों में जलन, सूखापन, धुंधलापन और कम उम्र में ही मोटे चश्मे लगना आम बात हो गई है। आंखों की इस कमजोरी को दूर करने के लिए केवल आईड्रॉप्स काफी नहीं हैं। योग विज्ञान में कुछ ऐसे विशेष अभ्यास बताए गए हैं, जो न केवल आंखों की मांसपेशियों को मजबूती देते हैं, बल्कि खोई हुई रोशनी को वापस लाने में भी मदद कर सकते हैं।

1. त्राटक क्रिया: एकाग्रता और रोशनी का संगम

त्राटक आंखों के लिए सबसे प्रभावशाली योग माना जाता है। इसमें किसी एक बिंदु या जलती हुई मोमबत्ती की लौ पर बिना पलक झपकाए तब तक ध्यान केंद्रित किया जाता है जब तक कि आंखों से आंसू न आ जाएं। यह क्रिया आंखों की नसों को साफ करती है और दृष्टि को तेज बनाती है। नियमित त्राटक से न केवल आंखों का चश्मा हट सकता है, बल्कि इससे मानसिक एकाग्रता भी बढ़ती है।

2. पामिंग (Palming): आंखों को दें तुरंत आराम

अगर काम के बीच में आपकी आंखें थक जाती हैं, तो 'पामिंग' सबसे आसान तरीका है। अपनी दोनों हथेलियों को आपस में रगड़ें जब तक कि वे गर्म न हो जाएं, फिर अपनी आंखें बंद करके हथेलियों को आंखों पर रखें। हथेलियों की गर्माहट आंखों की मांसपेशियों को रिलैक्स करती है और रक्त संचार बढ़ाती है। इसे दिन में 3-4 बार करने से आंखों का तनाव तुरंत कम हो जाता है।

3. आई रोटेशन एक्सरसाइज (Eye Rolling)

आंखों की पुतलियों को अलग-अलग दिशाओं में घुमाना एक बेहतरीन कसरत है। अपनी नजरों को पहले ऊपर-नीचे, फिर दाएं-बाएं और अंत में गोल (क्ॉकवाइज और एंटी-क्ॉकवाइज) घुमाएं। यह अभ्यास आंखों की फोकस करने की क्षमता को सुधारता है और उन मांसपेशियों को सक्रिय करता है जो स्क्रीन की तरफ लगातार देखने से सुस्त पड़ जाती हैं।

4. सर्वांगासन और शीर्षासन का लाभ

योग विशेषज्ञों के अनुसार, जब शरीर में रक्त का प्रवाह सिर की ओर बढ़ता है, तो आंखों की रोशनी पर इसका सीधा सकारात्मक असर पड़ता है। सर्वांगासन (कंधों के बल खड़ा होना) और शीर्षासन करने से आंखों की नसों को शुद्ध रक्त और ऑक्सीजन मिलता है। यदि आप ये कठिन आसन नहीं कर सकते, तो 'पादहस्तासन' (आगे झुककर पैरों को छूना) भी काफी फायदेमंद साबित होता है।

5. अनुलोम-विलोम प्राणायाम

श्वसन तंत्र और तंत्रिका तंत्र का सीधा संबंध हमारी आंखों से होता है। अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और मानसिक तनाव कम होता है। तनाव कम होने से आंखों पर पड़ने वाला दबाव (Intraocular Pressure) कम हो जाता है, जिससे ग्लूकोमा जैसी बीमारियों का खतरा भी टल जाता है।

नेत्र ज्योति बढ़ाने के लिए खास टिप्स

योगासन के साथ-साथ सुबह उठकर मुंह में पानी भरकर आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारना बेहद लाभकारी है। साथ ही, अपनी डाइट में विटामिन-ए से भरपूर चीजें जैसे गाजर, पपीता और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। याद रखें, रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल से दूरी बनाना आपकी आंखों के लिए सबसे बड़ी दवा है।