BPSC TRE 4.0 : बिहार के अतिथि शिक्षकों की चमकी किस्मत भर्ती में मिलेगा वेटेज का फायदा, जानें कितने अंक का होगा लाभ
News India Live, Digital Desk: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित होने वाली आगामी चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE 4.0) को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में अपनी सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) के हक में बड़ा फैसला लिया है। अब इन शिक्षकों को स्थाई भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी और उनके अनुभव के आधार पर उन्हें बोनस अंक (Weightage Points) आवंटित किए जाएंगे। इस फैसले से हजारों अतिथि शिक्षकों के नियमित शिक्षक बनने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
अनुभव का मिलेगा सम्मान: ऐसे मिलेंगे बोनस अंक
शिक्षा विभाग के नए निर्देशों के अनुसार, BPSC TRE 4.0 में अतिथि शिक्षकों को उनकी सेवा के प्रत्येक वर्ष के लिए विशेष अंक दिए जाएंगे। नियम के मुताबिक, एक साल की सेवा के बदले 5 अंक दिए जाएंगे। इस तरह, अधिकतम 25 अंक तक का वेटेज मिल सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर किसी अतिथि शिक्षक ने 5 साल या उससे अधिक समय तक स्कूल में पढ़ाया है, तो उन्हें मुख्य परीक्षा के अंकों में 25 अंकों की भारी बढ़त मिलेगी। यह वेटेज मेधा सूची (Merit List) तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ?
इस प्राथमिकता का लाभ केवल उन्हीं अतिथि शिक्षकों को मिलेगा जो वर्तमान में बिहार के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं या जिनके पास संतोषजनक सेवा का प्रमाण पत्र है। सरकार का उद्देश्य उन शिक्षकों को मुख्य धारा में लाना है जो वर्षों से कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि, इन शिक्षकों को BPSC द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा और न्यूनतम अर्हता अंक (Qualifying Marks) प्राप्त करने होंगे।
BPSC TRE 4.0 वैकेंसी की तैयारी तेज
आयोग और शिक्षा विभाग चौथे चरण की भर्ती की तैयारियों में जुटा है। माना जा रहा है कि इस बार भी बड़ी संख्या में रिक्तियां निकाली जाएंगी। अतिथि शिक्षकों को वेटेज देने के फैसले से प्रतियोगिता का स्तर और भी रोचक हो गया है। जहां नए अभ्यर्थियों को कड़ी मेहनत करनी होगी, वहीं अनुभवी अतिथि शिक्षकों के पास बोनस अंकों के सहारे अपनी सीट पक्की करने का सुनहरा मौका होगा। विभाग ने सभी जिलों से रिक्तियों का ब्योरा मांग लिया है ताकि समय पर विज्ञापन जारी किया जा सके।
अतिथि शिक्षकों में खुशी की लहर, विरोध भी शांत
पिछले काफी समय से अतिथि शिक्षक अपनी सेवा स्थाई करने या भर्ती में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। पटना की सड़कों पर हुए कई प्रदर्शनों के बाद सरकार ने यह बीच का रास्ता निकाला है। शिक्षक संघों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि अनुभव को वरीयता देना शिक्षा की गुणवत्ता के लिए भी बेहतर साबित होगा क्योंकि ये शिक्षक पहले से ही स्कूली व्यवस्था और छात्रों की जरूरतों से वाकिफ हैं।