Bollywood News : बर्फी के सेट पर रोज रोती थीं इलियाना, रणबीर कपूर की फिल्म छोड़ने का बना लिया था मन, डायरेक्टर थे वजह

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News India Live, Digital Desk:  साल 2012 में आई 'बर्फी' निस्संदेह भारतीय सिनेमा की सबसे खूबसूरत फिल्मों में से एक है। रणबीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा के साथ इस फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखने वाली इलियाना डिक्रूज के करियर के लिए भी यह एक मील का पत्थर साबित हुई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस फिल्म ने इलियाना को रातों-रात स्टार बना दिया, उसी फिल्म की शूटिंग के दौरान वह इस कदर परेशान हो गई थीं कि रोज घर जाकर रोती थीं और उन्होंने फिल्म छोड़ने तक का फैसला कर लिया था।

इसकी वजह थे फिल्म के डायरेक्टर अनुराग बसु।

न स्क्रिप्ट, न डायलॉग... बस 'कुछ करो'

इलियाना ने एक पुराने इंटरव्यू में खुद इस बात का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि अनुराग बसु का काम करने का तरीका बाकी डायरेक्टर्स से बहुत अलग है। वह सेट पर कोई बंधी-बंधाई स्क्रिप्ट या डायलॉग लेकर नहीं आते। कई बार तो इलियाना को पता ही नहीं होता था कि अगले सीन में उन्हें क्या करना है।

इलियाना ने बताया, "मैं सेट पर पूरी तरह खोई हुई महसूस करती थी। मुझे समझ नहीं आता था कि क्या हो रहा है। अनुराग बसु आते और कहते, 'लाइट अच्छी है, चलो शॉट लेते हैं।' वह मुझे सीन समझाते और फिर रणबीर आते और कहते, 'ठीक है, बस मेरे साथ-साथ चलना, सब हो जाएगा।'" इस अनिश्चितता के कारण इलियाना बहुत घबरा जाती थीं।

जब रोते हुए कहा- 'मुझे फिल्म छोड़नी है'

हालत यह हो गई थी कि इलियाना लगभग हर दिन शूटिंग के बाद घर जाकर रोती थीं। उन्हें लगता था कि वह एक अच्छी एक्ट्रेस नहीं हैं और अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहीं। पहले हफ्ते के बाद तो उनका सब्र जवाब दे गया। उन्होंने अपनी मैनेजर को फोन किया और रोते हुए कहा, "मैं यह फिल्म नहीं कर सकती। मैंने प्रोड्यूसर से जो भी साइनिंग अमाउंट लिया है, वह वापस करने के लिए तैयार हूं, लेकिन मुझसे यह नहीं हो पाएगा।"

उनकी मैनेजर ने उन्हें शांत किया और समझाया कि अनुराग बसु का तरीका अलग है, लेकिन वह एक शानदार डायरेक्टर हैं और उन पर भरोसा करना चाहिए।

धीरे-धीरे इलियाना को अनुराग बसु का तरीका समझ आने लगा। उन्होंने महसूस किया कि अनुराग बसु रटी-रटाई एक्टिंग नहीं, बल्कि किरदारों का असली और स्वाभाविक इमोशन पर्दे पर लाना चाहते थे। जब फिल्म रिलीज हुई और उसे दर्शकों का बेइंतहा प्यार मिला, तब इलियाना को एहसास हुआ कि अनुराग बसु की मेहनत और उनके अनोखे तरीके ने ही इस फिल्म को इतना खास बनाया था। आज इलियाना 'बर्फी' को अपने करियर की सबसे यादगार फिल्म मानती हैं।