Bollywood : अमीषा पटेल के खिलाफ गैर जमानती वारंट 2017 के पुराने केस में फंसी गदर एक्ट्रेस

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News India Live, Digital Desk : कहो ना प्यार है' और 'गदर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की अभिनेत्री अमीषा पटेल एक बार फिर कानूनी विवादों के घेरे में हैं। मध्य प्रदेश के खंडवा की एक अदालत ने साल 2017 में एक निजी कार्यक्रम में शामिल न होने और पैसे वापस न करने से जुड़े मामले में उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

क्या है 2017 का यह विवाद?

मामला 2017 का है जब अमीषा को खंडवा में एक नवदुर्गा उत्सव के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।

आरोप: आयोजकों का दावा है कि अमीषा ने कार्यक्रम में परफॉर्म करने के लिए बड़ी रकम ली थी, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंचीं और मात्र चंद मिनटों के बाद वहां से चली गईं।

वित्तीय धोखाधड़ी: शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अभिनेत्री ने न तो अपनी कमिटमेंट पूरी की और न ही पैसे वापस किए। इसके बाद उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया था।

अदालत का सख्त रुख

लगातार तारीखों पर पेश न होने के कारण अदालत ने उनके खिलाफ यह वारंट जारी किया है। इसका मतलब है कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर सकती है, जब तक कि उन्हें ऊपरी अदालत से राहत न मिल जाए।

अमीषा पटेल की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर अमीषा पटेल ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे खुद को बदनाम करने की कोशिश बताया है। उनके करीबी सूत्रों और उनके बयानों के अनुसार:

एकतरफा कहानी: अमीषा का कहना है कि सिक्के का केवल एक पहलू दिखाया जा रहा है और वह कानून का सम्मान करती हैं।

सुरक्षा का मुद्दा: अभिनेत्री ने पहले भी संकेत दिया था कि कई बार आयोजक बुनियादी सुविधाएं या सुरक्षा प्रदान नहीं करते, जिसके कारण उन्हें बीच में ही कार्यक्रम छोड़ना पड़ता है।

कानूनी टीम: उनकी लीगल टीम इस वारंट को चुनौती देने और अदालत में सही तथ्य पेश करने की तैयारी कर रही है।

अमीषा का 'विवादों' से पुराना नाता

यह पहली बार नहीं है जब अमीषा पटेल चेक बाउंस या धोखाधड़ी के मामलों में फंसी हैं। इससे पहले रांची की एक अदालत में भी उन पर फिल्म निर्माण के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप लगा था। इन कानूनी लड़ाइयों ने उनके करियर की 'सेकंड इनिंग्स' (गदर 2 की सफलता के बाद) पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं।

मुख्य बिंदु:

मामला: खंडवा (मप्र) का 2017 का इवेंट विवाद।

कार्रवाई: गैर-जमानती वारंट जारी।

दावा: आयोजकों से पैसे लेकर इवेंट पूरा न करना।