Bollywood Actor : मुझे खुद नहीं पता मैं स्टार कैसे बन गया,आमिर खान को खुद नहीं पता कि वो इतने बड़े स्टार कैसे बन गए
News India Live, Digital Desk : बॉलीवुड में हम आमिर खान को 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' के नाम से जानते हैं। हम मानते हैं कि उनकी हर फिल्म के पीछे बहुत तगड़ी प्लानिंग, गजब का दिमाग और सालों की मेहनत होती है। उनकी फिल्मों की सफलता को देखकर लगता है कि उनके पास कामयाबी का कोई 'सीक्रेट फार्मूला' है।
लेकिन, अगर आमिर खान आपसे कहें कि उन्हें खुद नहीं पता कि वो स्टार कैसे बन गए? आपको शायद यकीन नहीं होगा, न? पर हाल ही में एक बातचीत के दौरान आमिर ने अपने दिल की बात कुछ ऐसे ही अंदाज में रखी है।
उन्होंने साफ शब्दों में कबूल किया कि उन्होंने स्टार बनने का कोई रास्ता नहीं अपनाया, बल्कि वो तो उल्टे रास्ते चले!
"मैंने सारे नियम तोड़ दिए"
आमिर ने पुरानी बातों को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने अपना करियर शुरू किया था, तब हीरो बनने के कुछ 'अलिखे नियम' होते थे।
"आपको साल में 3-4 फ़िल्में करनी होती थीं, हर जगह दिखना होता था, और मसाला फिल्में चुननी होती थीं।"
लेकिन आमिर ने क्या किया? उन्होंने इसका बिल्कुल उल्टा किया।
वो कहते हैं, "मैं हमेशा से अव्यावहारिक (Impractical) रहा हूँ। मैंने कभी दिमाग से फैसले नहीं लिए। मैंने वो फिल्में कीं, जिन्हें लोग रिस्की मानते थे। मैं कई बार लम्बे समय के लिए गायब हो गया। कायदे से तो मेरा करियर खत्म हो जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।"
दिमाग की नहीं, दिल की सुनी
जरा सोचिए, 'लगान' (Lagaan) जैसी फिल्म जिसमें आधे समय क्रिकेट है और गांव वाले धोती पहनकर घूम रहे हैं—उस समय कोई स्टार ऐसी फिल्म करने की सोच भी नहीं सकता था। या फिर 'तारे ज़मीन पर', जो एक डिस्लेक्सिक बच्चे की कहानी थी।
आमिर कहते हैं कि उनकी पसंद हमेशा "अनरियलिस्टिक" रही। उन्होंने वही चुना जो उनके दिल को अच्छा लगा, न कि वो जो बॉक्स ऑफिस पर हिट होने की गारंटी हो।
तो फिर सफलता मिली कैसे?
आमिर इस पूरी कामयाबी का क्रेडिट अपनी स्मार्टनेस को नहीं, बल्कि दर्शकों (Audience) को देते हैं। वो बहुत विनम्रता से कहते हैं कि शायद उनकी किस्मत अच्छी थी या ऊपर वाले की मेहरबानी, जो उनकी ये 'अजीबोगरीब' पसंद लोगों के दिलों को छू गई।
उनका कहना है, "मैं खुशकिस्मत हूँ कि जिस तरह की कहानियाँ मुझे पसंद थीं, इत्तेफाक से वही कहानियां आपको (जनता को) भी पसंद आईं। अगर ऐसा न होता, तो आज मैं स्टार न होता।"
असली सबक
आमिर की यह बात हम सबके लिए एक सीख है। अक्सर हम भीड़ के पीछे भागते हैं और वो करते हैं जो "सब कर रहे हैं"। लेकिन आमिर खान का सफर बताता है कि अगर आप अपने काम से प्यार करते हैं और दिल की सुनते हैं, तो आप अपने नियम खुद बना सकते हैं।
तो अगली बार जब आपको लगे कि आप दुनिया से अलग चल रहे हैं, तो आमिर खान को याद कर लीजिएगा। कभी-कभी 'इम्प्रेक्टिकल' होना ही कामयाबी की चाबी होती है!