छत्तीसगढ़ में रिश्तों का खून पति ने पत्नी को मारकर कुएं में फेंका, फिर ऊपर से मिट्टी डालकर पाट दिया
News India Live, Digital Desk : हम अक्सर सुनते हैं कि पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास और सात जन्मों के साथ का होता है। लेकिन आजकल समाज में न जाने कैसी नफरत घुल गई है कि अपने ही अपनों के दुश्मन बन बैठे हैं। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले (Surajpur District) से एक ऐसी खबर आई है जिसे सुनकर किसी का भी दिल कांप जाए।
यहाँ एक पति ने अपनी ही धर्मपत्नी को न सिर्फ मौत के घाट उतारा, बल्कि उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए ऐसी साजिश रची कि सुनने वालों के होश उड़ गए। यह कोई फ़िल्मी कहानी नहीं, बल्कि हकीकत है।
आइये, आसान शब्दों में जानते हैं कि उस काली रात को आखिर हुआ क्या था और पुलिस ने इस काण्ड का पर्दाफाश कैसे किया।
मामूली विवाद ने लिया खूनी रूप
घटना सूरजपुर के ग्रामीण इलाके की है। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा होता रहता था। कई बार वजह शराब होती है तो कई बार आपसी कलह। उस मनहूस दिन भी दोनों के बीच कहा-सुनी हुई। गुस्साए पति के सिर पर खून सवार हो गया और उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी।
लाश को छिपाने का डरावना तरीका
हत्या करने के बाद आरोपी पति का गुस्सा शांत नहीं हुआ, बल्कि उसने खुद को कानून से बचाने के लिए 'दिमाग' लगाना शुरू कर दिया। उसने पत्नी की लाश को घर के पास ही स्थित एक सूखे कुएं (Well) में फेंक दिया।
इतना ही नहीं, उसे डर था कि लाश की बदबू या किसी की नज़र पड़ने से राज खुल जाएगा। इसलिए उसने कुएं को ऊपर से मिट्टी और कचरे से पूरी तरह पाट (Cover) दिया, ताकि किसी को शक न हो कि वहां कोई लाश छिपी है।
पुलिस तक कैसे पहुंची बात?
कहते हैं न कि "पाप का घड़ा कभी न कभी भर ही जाता है।" जब पत्नी कई दिनों तक दिखाई नहीं दी, तो आस-पास के लोगों और रिश्तेदारों को शक हुआ। किसी ने पुलिस को खबर दी कि महिला गायब है।
पुलिस ने जब जांच शुरू की और पति से कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया। उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस की टीम जब मौके पर पहुंची, तो उन्हें कुएं की खुदाई करानी पड़ी। वहां से जो मिला, उसने सबकी आँखों में आंसू ला दिए—कुएं के मलबे के नीचे दबी पत्नी की लाश।
समाज के लिए सबक
यह घटना सिर्फ एक जुर्म नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है। शराब और गुस्से के आवेश में इंसान कब जानवर बन जाता है, पता ही नहीं चलता। आरोपी पति अब सलाखों के पीछे है, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उस परिवार का क्या? उन बच्चों का क्या, अगर कोई हैं?
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में सख्त सजा ही समाज में एक नजीर पेश कर सकती है।
दोस्तों, गुस्सा बहुत बुरी बला है। इसे समय रहते काबू करना सीखना चाहिए, वरना अंजाम इतना बुरा हो सकता है जिसकी भरपाई उम्र भर नहीं होती।