राजस्थान में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच कालाबाजारी शुरू सीएम भजनलाल ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
News India Live, Digital Desk : राजस्थान में रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। एक तरफ पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल और गैस के आयात पर असर पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ तेल कंपनियों के सर्वर फेल होने से प्रदेशभर में सिलेंडरों की बुकिंग और डिलीवरी ठप हो गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शासन सचिवालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
संकट के दो मुख्य कारण:
तकनीकी विफलता: पिछले 48 घंटों से प्रमुख तेल कंपनियों (IOCL, HPCL, BPCL) का सर्वर डाउन होने के कारण हजारों उपभोक्ता बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। जिन लोगों ने पहले से बुकिंग कर रखी है, उनकी रसीद जनरेट नहीं हो रही है।
वैश्विक तनाव: युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे स्टॉक की कमी की अफवाहें फैल रही हैं और लोग 'पैनिक बुकिंग' कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: सीएम भजनलाल शर्मा ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए हैं कि:
सर्वर बहाली: कंपनियों से बात कर सर्वर की समस्या को युद्ध स्तर पर ठीक करवाया जाए।
कालाबाजारी पर प्रहार: गैस एजेंसियों द्वारा की जा रही जमाखोरी और अवैध वसूली को रोकने के लिए विशेष टीमें गठित कर छापेमारी की जाए।
राहत कैंप: जिन इलाकों में संकट अधिक है, वहां मोबाइल वैन के जरिए सीधे सप्लाई सुनिश्चित की जाए।
आम जनता पर प्रभाव: जयपुर, कोटा, बीकानेर और जोधपुर जैसे बड़े शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग खाली सिलेंडर लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों द्वारा भी गैस की कमी के कारण कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें आ रही हैं।