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March 27 2026 04:52 pm

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में संग्राम मोदी विरोधी नारों पर भिड़े BJP और कांग्रेस विधायक, सदन बना अखाड़ा

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News India Live, Digital Desk: जम्मू-कश्मीर विधानसभा के भीतर आज लोकतंत्र की मर्यादा तार-तार होती नजर आई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के विधायकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिससे सदन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। विवाद तब गहरा गया जब सदन के भीतर 'प्रधानमंत्री मोदी' के खिलाफ नारेबाजी शुरू हुई, जिस पर भाजपा विधायकों ने कड़ा रुख अपनाया और विरोध प्रदर्शन किया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।

नारेबाजी से शुरू हुआ विवाद, मर्यादा लांघ गए माननीय

सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कुछ विधायकों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक नारेबाजी की गई, जिसने भाजपा खेमे को आक्रोशित कर दिया। भाजपा विधायकों ने वेल (Well) में आकर इसका कड़ा विरोध किया और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के विधायक आमने-सामने आ गए और उनके बीच तीखी बहस के साथ-साथ धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

मार्शलों को करनी पड़ी भारी मशक्कत, सदन की कार्यवाही स्थगित

हंगामे को शांत कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) को मार्शलों को बुलाना पड़ा। विधायकों के बीच बचाव करने आए मार्शलों को भी काफी पसीना बहाना पड़ा। सदन के भीतर का नजारा किसी अखाड़े जैसा लग रहा था, जहाँ माननीय विधायक एक-दूसरे पर चिल्लाते और कुर्सियों के पास धक्का-मुक्की करते नजर आए। सदन की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए स्पीकर ने कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया, लेकिन गलियारों में भी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा था।

राहुल गांधी और भाजपा के बीच 'सियासी जंग' का असर

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली में राहुल गांधी और भाजपा के बीच चल रहे जुबानी हमले का असर अब जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में भी दिखने लगा है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस जानबूझकर माहौल खराब कर रही है और संवैधानिक गरिमा का अपमान कर रही है। वहीं, विपक्षी विधायकों का कहना है कि वे जनता की आवाज उठा रहे हैं और उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है। इस हंगामे ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नया उबाल पैदा कर दिया है।