MoSPI ने जारी किया सर्विस प्रोडक्शन इंडेक्स, जुलाई में 19 में से 17 सेक्टर में तेजी, रिटेल कारोबार 18.5% उछला

MoSPI ने जारी किया सर्विस प्रोडक्शन इंडेक्स, जुलाई में 19 में से 17 सेक्टर में तेजी, रिटेल कारोबार 18.5% उछला

देश की सर्विस एक्टिविटीज को लेकर जुलाई के आंकड़े मजबूत तस्वीर दिखा रहे हैं. सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय यानी MoSPI की ओर से जारी सर्विस प्रोडक्शन इंडेक्स के मुताबिक जुलाई 2026 में 19 में से 17 सर्विस सेक्टर में पिछले साल के मुकाबले बढ़ोतरी हुई है.

इनमें से 10 क्षेत्रों में वृद्धि दोहरे अंक में रही. प्रशासनिक और सहायता सेवाओं का उत्पादन सबसे ज्यादा 20.9% बढ़ा. इसके बाद खुदरा कारोबार में 18.5% और रियल एस्टेट सेवाओं में 14.4% की बढ़ोतरी दर्ज हुई.

रिटेल और थोक कारोबार में तेज बढ़ोतरी

जुलाई में खुदरा कारोबार सर्विस प्रोडक्शन में 18.5% की तेजी दर्ज हुई. इसका इंडेक्स जून के 138 से बढ़कर जुलाई में 140 हो गया. वहीं थोक कारोबार का प्रोडक्शन सालाना आधार पर 12.1% बढ़ा और इसका इंडेक्स जून के 122.8 से बढ़कर 126.8 हो गया.

रियल एस्टेट सर्विस में 14.4% की बढ़ोतरी हुई. इसके अलावा आवास और खान-पान सर्विस का उत्पादन 12.6% और बैंकिंग सर्विस का उत्पादन 12.3% बढ़ा.

टेलीकॉम और IT सेवाओं में भी तेजी

तकनीक से जुड़ी सेवाओं में भी जुलाई के दौरान अच्छी वृद्धि देखने को मिली. दूरसंचार सर्विस का उत्पादन 11% बढ़ा. IT और कंप्यूटर से जुड़ी सेवाओं में 10.7% की बढ़ोतरी हुई. पेशेवर, वैज्ञानिक और तकनीकी सर्विस में 10.4% की तेजी दर्ज हुई. वहीं सूचना और प्रसारण सेवाओं का उत्पादन 10% बढ़ा.

इसके अलावा सड़क परिवहन सर्विस में 9.9%, स्टोरेज सर्विस में 9.8%, बीमा सेवाओं में 8.9%, डाक और कूरियर सर्विस में 8.7% और जल परिवहन सेवाओं में 7.7% की वृद्धि हुई. रेलवे परिवहन सेवाओं का उत्पादन भी 7.5% बढ़ा.

एयर ट्रांसपोर्ट में 8.4% की गिरावट

जहां ज्यादातर सेवा क्षेत्रों में तेजी रही, वहीं हवाई परिवहन का प्रदर्शन कमजोर रहा. जुलाई में हवाई परिवहन सर्विस का उत्पादन सालाना आधार पर 8.4% घट गया. जून में इसका सूचकांक 91.2 था, जो जुलाई में घटकर 87.8 रह गया. मरम्मत सेवाओं में भी 5% की गिरावट दर्ज हुई. कला, मनोरंजन और अन्य मनोरंजन सेवाओं में केवल 1.7% की बढ़ोतरी हुई.

आंकड़े अभी परीक्षण के दौर में

MoSPI ने बताया कि सर्विस प्रोडक्शन इंडेक्स में 2024-25 को आधार वर्ष बनाया गया है और फिलहाल इसे परीक्षण के तौर पर जारी किया जा रहा है. इस दौरान आंकड़ों की गुणवत्ता की जांच की जाएगी और सुझाव मिलने के बाद श्रृंखला को अंतिम रूप दिया जाएगा. बैंकिंग, बीमा और रेलवे से जुड़े सूचकांक फिलहाल शुरुआती मासिक आंकड़ों पर आधारित हैं. इनमें सालाना आधार पर बदलाव किया जा सकता है.