खान सर को कोर्ट से नहीं मिली रेगुलर बेल, लेकिन 3 जुलाई तक गिरफ्तारी पर रोक जारी, बॉडीगार्ड के लाइसेंस पर फंसा पेंच
पटना के मशहूर शिक्षक और सोशल मीडिया स्टार खान सर (Khan Sir) की कानूनी मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं। एक स्थानीय मामले में सुनवाई के दौरान अदालत से उन्हें नियमित जमानत (Regular Bail) तो नहीं मिल सकी है, लेकिन कोर्ट ने उन्हें एक बड़ी अंतरिम राहत जरूर दी है। माननीय न्यायालय ने खान सर की गिरफ्तारी पर आगामी 3 जुलाई तक रोक जारी रखने का आदेश दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में खान सर के बॉडीगार्ड के हथियार लाइसेंस का मुद्दा बेहद गरमा गया, जिसने इस पूरे केस को एक नया मोड़ दे दिया है।
कोर्ट रूम में गूंजा खान सर के बॉडीगार्ड के आर्म्स लाइसेंस का मामला
पटना सिविल कोर्ट में चली लंबी बहस के दौरान सरकारी वकील और बचाव पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से खान सर के निजी सुरक्षाकर्मी (बॉडीगार्ड) के पास मौजूद हथियार के लाइसेंस की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए गए। अभियोजन पक्ष का दावा है कि सुरक्षा में तैनात गार्ड के असलहे के कागजात और नियमों में कुछ विसंगतियां हैं, जिसकी गहन जांच की जानी बेहद जरूरी है। वहीं दूसरी ओर, खान सर के वकीलों ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए अदालत के सामने अपनी दलीलें पेश कीं।
3 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकीं सबकी नजरें
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है। तब तक के लिए पुलिस खान सर को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी, जिससे उनके लाखों छात्रों और समर्थकों ने फिलहाल राहत की सांस ली है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि 3 जुलाई को होने वाली सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है, क्योंकि इसी दिन कोर्ट तय करेगा कि खान सर को अग्रिम या नियमित जमानत दी जाए या फिर पुलिस को आगे की कार्रवाई की अनुमति मिले।
पटना सहित पूरे बिहार के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज
इस मामले के सामने आने के बाद से पटना और बिहार के अन्य जिलों में खान सर के प्रशंसकों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कोचिंग हब के रूप में मशहूर पटना के मुसल्लहपुर हाट और नया टोला जैसे इलाकों में छात्र लगातार इस केस के पल-पल के अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय पुलिस भी कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए मामले से जुड़े सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं की बारीकी से स्क्रूटनी करने में जुट गई है ताकि अगली तारीख पर अदालत के सामने पुख्ता रिपोर्ट पेश की जा सके।