बिहार में बाढ़ का कहर: पटना-गया रेलखंड पर पुल के ऊपर बह रहा पानी, रेलवे ने कई ट्रेनें की रद्द और रूट डायवर्ट
बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश और उफान पर चल रही नदियों के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है, जिसका सीधा असर अब रेल परिवहन पर भी देखने को मिल रहा है। राज्य के बेहद व्यस्त और महत्वपूर्ण पटना-गया रेलखंड पर एक रेलवे पुल के ठीक ऊपर पानी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करते हुए खतरनाक रूप से ऊपर बहने लगा है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए रेलवे प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए इस रूट से गुजरने वाली कई पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है, जबकि कुछ लंबी दूरी की गाड़ियों के मार्ग में परिवर्तन कर उन्हें सुरक्षित वैकल्पिक रास्तों से निकाला जा रहा है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष तकनीकी टीम लगातार जलस्तर और पुल की संरचना पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अनहोनी से समय रहते निपटा जा सके और पटरियों के दुरुस्त होते ही फिर से सामान्य परिचालन शुरू किया जा सके।
पटना-गया रेलखंड पर जलभराव से बढ़ी मुश्किलें, यात्रियों के लिए रेलवे ने जारी की जरूरी एडवाइजरी
नदी नालों के उफान पर होने के कारण पटना-गया रेलखंड पर परिचालन पूरी तरह से ठप हो चुका है और इस रूट पर सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों तथा लंबी दूरी के पैसेंजर्स को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जलस्तर बढ़ने के कारण पटरियों के नीचे की मिट्टी के कटाव और सुरक्षा जोखिम को टालने के लिए यह सख्त कदम उठाना पड़ा है। पटना, गया, जहानाबाद और मखदुमपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर फंसे यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने हेल्प डेस्क बनाए हैं और लगातार अनाउंसमेंट के जरिए रद या डायवर्ट की गई ट्रेनों की सूची साझा की जा रही है। स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर रखे हुए है और प्रभावित इलाकों में आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि बाढ़ के पानी से घिरे रेलमार्गों के आसपास के गांवों और बस्तियों में किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
वैकल्पिक मार्गों से चल रही हैं ट्रेनें, मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क
सुरक्षित यातायात प्रबंधन के तहत रेलवे ने कई ट्रेनों को पटना-किउल या अन्य वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट कर गंतव्य की ओर भेजने का इंतजाम किया है, जिससे यात्रियों को उनके सफर में कुछ घंटों की अतिरिक्त देरी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में लगातार मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किए जाने के बाद से रेलवे और जिला प्रशासन की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक पानी का बहाव पूरी तरह सुरक्षित स्तर पर नहीं आ जाता और इंजीनियरिंग विंग द्वारा ट्रैक की फिटनेस का ग्रीन सिग्नल नहीं मिल जाता, तब तक इस मार्ग पर ट्रेनों का नियमित परिचालन बहाल करना संभव नहीं होगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा करने से पहले संबंधित रेलवे स्टेशनों या हेल्पलाइन नंबरों से ट्रेनों की ताजा स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।