Bihar Politics : चाचा को देखते ही पिघल गए तेजस्वी,बीच विधानसभा जब तेजस्वी ने गले लगाकर रामकृपाल यादव को दी बधाई
News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति में अक्सर हम देखते हैं कि नेताओं के बीच जुबानी जंग कितनी तीखी होती है। चुनाव के दौरान तो ऐसा लगता है जैसे एक-दूसरे की शक्ल देखना भी पसंद नहीं करेंगे। लेकिन लोकतंत्र की असली खूबसूरती तब देखने को मिलती है, जब यही नेता सदन के अंदर मिलते हैं। हाल ही में बिहार विधानसभा में एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने सबका दिल जीत लिया और साबित कर दिया कि राजनीतिक मतभेद होने का मतलब मनभेद होना नहीं है।
हीरो थे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और दूसरी तरफ थे एनडीए सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव (Ram Kripal Yadav)।
जब बीच सदन में तेजस्वी ने छू लिए पैर
हुआ यूं कि बिहार विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा था। तेजस्वी यादव जैसे ही सदन में दाखिल हुए, उनकी नजर सामने की कतार में बैठे रामकृपाल यादव पर पड़ी। हम सब जानते हैं कि रामकृपाल यादव कभी लालू यादव के बेहद करीबी माने जाते थे और तेजस्वी उन्हें 'चाचा' मानते हैं, लेकिन अब वो विरोधी खेमे (BJP/JDU) में हैं।
आम तौर पर लोग ऐसे में नजरें चुराकर निकल जाते हैं, लेकिन तेजस्वी यादव ने ऐसा नहीं किया। वो सीधे रामकृपाल यादव की सीट के पास पहुंचे और बिना किसी हिचकिचाहट के झुककर उनके पैर छू लिए। तेजस्वी का यह बड़प्पन देख वहां मौजूद हर विधायक हैरान रह गया।
पुराने गिले-शिकवे भूल, गले लगाया
तेजस्वी के इस आदर-भाव को देखकर रामकृपाल यादव भी खुद को रोक नहीं पाए। वो तुरंत अपनी सीट से खड़े हुए और मुस्कुराते हुए तेजस्वी को गले लगा लिया (Hugged)। सदन में दोनों चाचा-भतीजे का यह मिलन देख माहौल पूरी तरह बदल गया। चुनाव प्रचार की सारी कड़वाहट मानो एक पल में धुल गई हो।
तेजस्वी ने दी जीत की बधाई
तेजस्वी यादव यहीं नहीं रुके। उन्होंने बहुत गर्मजोशी के साथ रामकृपाल यादव से हाथ मिलाया और उन्हें चुनाव जीतने और मंत्री बनने की बधाई दी। एक युवा नेता का अपने सीनियर विरोधी नेता के प्रति इतना सम्मान जताना यह दिखाता है कि बिहार की राजनीति में अभी भी "शिष्टाचार" और "संस्कार" जिंदा हैं।
लोगों को खूब पसंद आ रहा है यह वीडियो
यह घटना जैसे ही कैमरों में कैद हुई, सोशल मीडिया पर इसका वीडियो जंगल की आग की तरह वायरल हो गया। चाहे आरजेडी के समर्थक हों या बीजेपी के, हर कोई तेजस्वी के इस व्यवहार की तारीफ कर रहा है। लोग कह रहे हैं कि चुनाव में हार-जीत तो चलती रहती है, लेकिन रिश्तों को निभाने का जो सलीका तेजस्वी ने दिखाया है, वो काबिले-तारीफ है।