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April 13 2026 07:28 am

Bihar Politics : नीतीश कुमार से मिले सम्राट चौधरी,क्या बिहार में फिर होने वाला है बड़ा खेला? विजय चौधरी के बयान ने बढ़ाई धड़कनें

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 News India Live, Digital Desk: बिहार के सियासी गलियारों में एक बार फिर कयासों और मुलाकातों का दौर शुरू हो गया है, जिसने राज्य की राजनीति में नई गर्माहट पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री आवास पर अचानक हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इसे एक औपचारिक भेंट बताया जा रहा है, लेकिन सत्ता के गलियारों में इसे आगामी कैबिनेट विस्तार या किसी बड़े नीतिगत फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग के बाद जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी की प्रतिक्रिया ने रहस्य को और गहरा कर दिया है।

सीएम आवास पर बंद कमरे में चर्चा, विपक्ष की बढ़ी चिंता

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी के बीच करीब आधे घंटे तक गुफ्तगू हुई। इस दौरान सरकार के कामकाज और एनडीए के भीतर समन्वय को लेकर चर्चा होने की खबर है। सम्राट चौधरी, जो कि प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भी हैं, उनकी नीतीश कुमार के साथ बढ़ती नजदीकियां उन अटकलों को हवा दे रही हैं कि गठबंधन के भीतर कुछ बड़ा पक रहा है। विपक्ष की नजरें इस मुलाकात पर पैनी बनी हुई हैं, क्योंकि बिहार की राजनीति में 'मुलाकातों' का अपना एक अलग इतिहास रहा है जो अक्सर बड़े सत्ता परिवर्तन या बड़े फैसलों की ओर इशारा करता है।

विजय चौधरी का बयान: 'सब कुछ ठीक है' या 'तूफान से पहले की शांति'?

इस मुलाकात के तुरंत बाद जब मीडिया ने नीतीश कुमार के करीबी मंत्री विजय कुमार चौधरी से सवाल किया, तो उन्होंने बेहद सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। विजय चौधरी ने कहा, "सरकार में शामिल दलों के नेताओं के बीच मुलाकात होना एक सामान्य प्रक्रिया है। इसमें किसी को कोई अचरज नहीं होना चाहिए।" हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में विकास कार्यों को लेकर कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि विजय चौधरी का शांत लहजा असल में पर्दे के पीछे चल रही किसी बड़ी सियासी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

आगामी चुनाव और सीट शेयरिंग पर भी हो सकती है नजर

जानकारों की मानें तो इस मुलाकात का एक सिरा आगामी चुनावी रणनीतियों से भी जुड़ा हो सकता है। एनडीए के भीतर सीटों के तालमेल और सांगठनिक फेरबदल को लेकर नीतीश और सम्राट के बीच सहमति बनना बेहद जरूरी है। सम्राट चौधरी ने हाल के दिनों में जिस तरह से सरकार के विजन को लेकर आक्रामकता दिखाई है, वह यह साफ करता है कि भाजपा बिहार में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। वहीं, नीतीश कुमार एक बार फिर 'ऑल इज वेल' का संदेश देकर अपनी कप्तानी को मजबूती से पेश कर रहे हैं। अब देखना होगा कि इस मुलाकात का परिणाम कैबिनेट की अगली बैठक में किस रूप में सामने आता है।