Bihar Politics : बिहार में सियासी सरगर्मी तेज़, NDA और महागठबंधन में कौन लड़ेगा कहाँ से, चल रहा है बड़ा मंथन

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News India Live, Digital Desk: Bihar Politics : बिहार की राजनीतिक गलियों में इन दिनों खूब सरगर्मी देखने को मिल रही है. आने वाले चुनावों को लेकर NDA और महागठबंधन (MGB) दोनों ही प्रमुख गठबंधन सीटों के बँटवारे (seat allocation) और अपने उम्मीदवारों (candidate list) को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं. हर पार्टी अपनी-अपनी दावेदारी मज़बूत करने में जुटी है, और ऐसे में किसे कितनी सीटें मिलेंगी, ये देखना दिलचस्प होगा.

NDA का दांव-पेच:
एक तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) है. इस गठबंधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) (JDU), चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP), जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM), और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) जैसे दल शामिल हैं. भाजपा जहाँ बड़े भाई की भूमिका में है, वहीं अन्य दल भी अपने लिए बेहतर सीटों की तलाश में हैं. नीतीश कुमार के JDU के पास अपना जनाधार है, तो चिराग पासवान भी अपने पिता रामविलास पासवान की विरासत को सँभालते हुए एक मज़बूत दावेदार हैं. HAM और RLM भी कुछ ख़ास सीटों पर अपना असर रखते हैं, इसलिए NDA में सीटों को लेकर माथापच्ची अभी जारी है.

महागठबंधन का भी दमख़म:
दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाला महागठबंधन भी पूरा जोर लगा रहा है. इस गठबंधन में तेजस्वी यादव की RJD, कांग्रेस (Congress), मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIP), और वामपंथी दल जैसे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन (CPI-ML), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM) के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) भी शामिल हैं. RJD सबसे बड़ा दल होने के कारण स्वाभाविक रूप से ज़्यादा सीटें चाहता है, वहीं कांग्रेस भी राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर अच्छी खासी संख्या में सीटें मांग रही है. VIP भी अपनी ज़मीन बनाने की कोशिश में है, और वामदल भी कुछ सीटों पर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं. ऐसे में महागठबंधन के भीतर भी हर सीट को लेकर गहन चर्चा चल रही है.

दोनों ही गठबंधन चुनावों में एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देने को तैयार हैं. सबकी नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि कौन-सा गठबंधन कब अपनी सीट और उम्मीदवार सूची की घोषणा करता है और चुनाव की तस्वीर क्या बनती है. बिहार की जनता को अब उस पल का इंतज़ार है जब चुनावी शंखनाद के साथ उम्मीदवारों के नाम सामने आएंगे