Bihar Politics : ओवैसी ने मधुबनी में तेजस्वी यादव को धो डाला कहा - हिम्मत है तो छोड़ो कुर्सी और आ जाओ सड़क पर

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News India Live, Digital Desk: बिहार की चुनावी राजनीति इन दिनों पूरी तरह से गरमा चुकी है! एआईएमआईएम (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी रैलियों से चुनावी तापमान को और बढ़ा दिया है. उन्होंने हाल ही में बिहार के मधुबनी में एक जनसभा को संबोधित किया और अपने अंदाज़ में बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला. ओवैसी के इस तीखे बयान ने सियासी गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरी हैं. 

ओवैसी ने मधुबनी में जनसभा के दौरान सीधे-सीधे तेजस्वी यादव को चुनौती देते हुए कहा, "तुम गरीबों और मजलूमों की बातें तो करते हो, लेकिन मजलूमों के साथ खड़े होते नहीं दिखते. अगर तुम्हें हिम्मत है तो अपनी कुर्सी छोड़ो और हमारे साथ सड़क पर आकर खड़े हो जाओ." यह बयान तेजस्वी पर व्यक्तिगत रूप से निशाना साधता है और उन्हें बिहार के गरीबों और अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर कमज़ोर नेता साबित करने की कोशिश करता है.

एआईएमआईएम प्रमुख का यह हमला दिखाता है कि बिहार के आगामी विधानसभा चुनावों में दलित और मुस्लिम वोटबैंक एक अहम फैक्टर होंगे. ओवैसी हमेशा से अपने भाषणों में मुसलमानों के हक और सुरक्षा की बात करते हैं और वो अक्सर आरजेडी (RJD) जैसी पार्टियों पर आरोप लगाते हैं कि उन्होंने मुसलमानों का इस्तेमाल सिर्फ़ वोट बैंक के लिए किया है. उन्होंने कहा कि आज मुस्लिम समुदाय की कोई ताकत नहीं है क्योंकि उनको इस्तेमाल करके कूड़े में डाल दिया जाता है. ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय के युवाओं से एकजुट होने और 'मजलूमों का शेर' बनकर आने की अपील की.

तेजस्वी यादव को चुनौती देने का मकसद ओवैसी का साफ है – वे मुस्लिम मतदाताओं को अपनी तरफ़ खींचना चाहते हैं, जो परंपरागत रूप से आरजेडी के समर्थक माने जाते हैं. अगर ओवैसी इस समुदाय के कुछ वोटों को भी अपनी ओर मोड़ने में कामयाब हो जाते हैं, तो इससे तेजस्वी यादव और महागठबंधन को बड़ा नुक़सान हो सकता है. बिहार में अब सबकी निगाहें ओवैसी और उनके राजनीतिक पैंतरों पर टिकी हैं.