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April 24 2026 08:02 am

Bihar Politics : बिहार की सियासत में आधी रात का महाधमाका प्रशांत किशोर से मिले तेज प्रताप यादव

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News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में मंगलवार की आधी रात को एक ऐसी मुलाकात हुई, जिसने सियासी गलियारों में भूकंप ला दिया है। 'जनशक्ति जनता दल' के संरक्षक और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अचानक जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) के आवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में हुई इस 'सीक्रेट मीटिंग' के बाद बिहार में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

महज शिष्टाचार नहीं, भविष्य की राजनीति पर हुआ मंथन

मुलाकात के बाद तेज प्रताप यादव ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (Twitter) पर वीडियो साझा करते हुए इसे बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कोई औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि इसमें 'जनहित' और 'भविष्य की राजनीति' को लेकर गहन चर्चा की गई है। तेज प्रताप का यह बयान इशारा कर रहा है कि वे अब अपनी एक नई और स्वतंत्र राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश में जुट गए हैं।

9 सेकंड का वीडियो और 'प्रणाम' की गूंज

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 9 सेकंड के वीडियो में तेज प्रताप यादव गाड़ी से उतरकर प्रशांत किशोर की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। पीके पहले से ही दरवाजे पर खड़े होकर उनका इंतजार कर रहे थे। दोनों ने हाथ मिलाया और मुस्कुराते हुए अंदर चले गए। इस दौरान दोनों नेताओं की 'बॉडी लैंग्वेज' काफी गर्मजोशी भरी दिखी, जिससे राजनीतिक पंडित यह अंदाजा लगा रहे हैं कि पर्दे के पीछे किसी बड़े गठबंधन की खिचड़ी पक रही है।

क्या भाई तेजस्वी से नाराजगी का है यह नतीजा?

सियासी हलकों में चर्चा है कि तेज प्रताप यादव पिछले काफी समय से आरजेडी (RJD) और अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव से दूरी बनाए हुए हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी अलग पार्टी 'जनशक्ति जनता दल' के बैनर तले सक्रियता बढ़ाई है। ऐसे में चुनाव रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर के साथ उनकी यह मुलाकात आरजेडी के वोट बैंक में सेंधमारी और नए 'तीसरे मोर्चे' की आहट के तौर पर देखी जा रही है।

लालू यादव की 'टिप्स' या अपनी नई राह?

दिलचस्प बात यह है कि कुछ दिन पहले तेज प्रताप के जन्मदिन पर लालू यादव खुद उनसे मिलने पहुंचे थे। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस मुलाकात के पीछे लालू यादव की कोई सोची-समझी रणनीति है, या फिर तेज प्रताप ने अपने राजनीतिक करियर को संवारने के लिए पीके का साथ चुना है। फिलहाल, इस मुलाकात ने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।