Bihar Politics : JDU सांसद के बेटे ने RJD से लड़ा चुनाव तो भड़की सियासत मीसा भारती का बड़ा बयान
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नया 'पारिवारिक संग्राम' छिड़ा हुआ है, जिसने सत्ताधारी दल जेडीयू (JDU) की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बांका से जेडीयू सांसद गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश के राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद अब अयोग्यता का नोटिस जारी होने पर घमासान तेज हो गया है। इस पूरे मसले पर लालू यादव की बड़ी बेटी और आरजेडी सांसद मीसा भारती ने कड़ा रुख अपनाते हुए जेडीयू को आड़े हाथों लिया है।
"गिरधारी यादव का बेटा बालिग है, गुलाम नहीं" – मीसा भारती मीडिया से बातचीत के दौरान जब मीसा भारती से इस बगावत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गिरधारी यादव के बेटे 'एडल्ट' (बालिग) हैं और लोकतंत्र में उन्हें अपनी विचारधारा चुनने का पूरा अधिकार है। मीसा ने तंज कसते हुए कहा, "गिरधारी यादव भले ही एनडीए में हों और जेडीयू के सांसद हों, लेकिन उनका बेटा स्वतंत्र है। उन्होंने सोच-समझकर ही आरजेडी के साथ जाने का फैसला लिया होगा। किसी के बेटे के फैसले के लिए पिता की सदस्यता पर सवाल उठाना समझ से परे है।"
जेडीयू में मची खलबली, सांसद की कुर्सी पर खतरा! मामला तब और गंभीर हो गया जब जेडीयू के संसदीय दल के नेता दिलेश्वर कामैत ने गिरधारी यादव की सदस्यता समाप्त करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को आवेदन दे दिया। जेडीयू का आरोप है कि गिरधारी यादव ने न केवल अपने बेटे को आरजेडी से चुनाव लड़वाया, बल्कि गुपचुप तरीके से उनके लिए प्रचार भी किया, जो पार्टी विरोधी गतिविधि के दायरे में आता है। बता दें कि चाणक्य प्रकाश ने बेलहर विधानसभा सीट से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहाँ उन्हें जेडीयू प्रत्याशी के खिलाफ मैदान में उतारा गया था।
मीसा भारती का पलटवार: "लिस्ट दे दूँ क्या?" जेडीयू पर हमला तेज करते हुए मीसा भारती ने एक और बड़ा दावा कर दिया। उन्होंने कहा कि एनडीए में ऐसे कई बड़े नेता हैं जो पर्दे के पीछे से आरजेडी के लिए काम करते हैं और हमारे संपर्क में हैं। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा, "अगर आप कहें तो मैं ऐसे नेताओं की लंबी लिस्ट दे सकती हूँ जो ऊपर से एनडीए के साथ हैं लेकिन प्रचार आरजेडी का करते हैं। जेडीयू को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।"
गिरधारी यादव की सफाई: "मैं लोकसभा अध्यक्ष को जवाब दूंगा" इस पूरे विवाद के बीच सांसद गिरधारी यादव ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा बालिग है और कोई भी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने सदस्यता समाप्त करने के नोटिस पर कहा कि वे इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा पूछे जाने पर ही अपना पक्ष रखेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2025-26 के इस सियासी दौर में 'बेटे की बगावत' गिरधारी यादव के राजनीतिक करियर के लिए भारी पड़ सकती है।