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March 21 2026 02:15 am

Bihar Politics : गिरिराज सिंह ने पूछा 'पाकिस्तान में कितने मंदिर?, राहुल-तेजस्वी को लेकर दिया चौंकाने वाला बयान

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News India Live, Digital Desk: केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं. बिहार में आगामी लोकसभा चुनावों से पहले सियासी घमासान तेज़ हो गया है, और इसी बीच गिरिराज सिंह ने एक बार फिर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला है. इस बार उनके निशाने पर उनके पूर्वज, यानी 'बदलती विचारधारा' थी और उन्होंने पाकिस्तान का मुद्दा उठाकर विपक्षी दलों पर देशविरोधी होने के आरोप लगाए. उनकी यह टिप्पणी बिहार की राजनीतिक फिजां में गरमाहट ला सकती है.

गिरिराज सिंह का तीखा हमला:

गिरिराज सिंह ने अपने बयान में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को निशाने पर लिया:

  • पूर्वजों को लेकर कटाक्ष: गिरिराज सिंह ने इशारों-इशारों में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के पूर्वजों पर टिप्पणी की. उन्होंने कहा, "आपके पूर्वजों से गलती हुई." यह साफ तौर पर देश के बंटवारे के दौरान के फैसलों और गांधी परिवार की भूमिका पर तंज था. राहुल गांधी के दादा पंडित जवाहरलाल नेहरू का जिक्र कर उन्होंने देश के बँटवारे की तरफ इशारा किया.
  • पाकिस्तान का मुद्दा: गिरिराज सिंह ने अपने भाषण में पाकिस्तान का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने राहुल और तेजस्वी से पूछा कि वे पाकिस्तान में कितने मंदिर और कितने गुरुद्वारे गिन सकते हैं. उनका यह बयान साफ तौर पर विपक्षी दलों को 'देशभक्ति' के मुद्दे पर घेरने की कोशिश थी और यह भी दर्शाता है कि कैसे बीजेपी आगामी चुनावों में राष्ट्रवाद और धर्म को प्रमुख मुद्दा बनाएगी.
  • देश तोड़ने वाली मानसिकता का आरोप: उन्होंने कहा कि जिनकी सोच ही भारत तोड़ने वाली है, वे कैसे मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं? यह आरोप सीधे तौर पर विपक्षी दलों पर लगाया गया था, जो अक्सर बीजेपी के 'राष्ट्रवाद' के एजेंडे को लेकर सवाल उठाते रहे हैं.
  • 'सन्यासी' वाली टिप्पणी: गिरिराज सिंह ने एक बार फिर राहुल गांधी पर उनकी 'सन्यासी' वाली टिप्पणी को लेकर निशाना साधा. यह पहले भी एक चुनावी मुद्दा रह चुका है जब राहुल ने खुद को 'चलते-फिरते सन्यासी' बताया था.

राजनीतिक मायने:

गिरिराज सिंह का यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण है:

  • यह बीजेपी की चुनाव रणनीति का एक हिस्सा है, जहाँ वे विपक्ष को धार्मिक और राष्ट्रीयता के मुद्दों पर घेरना चाहते हैं.
  • उनके बयान कांग्रेस और आरजेडी को स्पष्ट रूप से हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के प्रति उनके दृष्टिकोण को स्पष्ट करने के लिए मजबूर कर सकते हैं.
  • यह बयान बिहार में महागठबंधन (कांग्रेस, आरजेडी, और अन्य) के लिए नई चुनौतियां खड़ी करेगा, क्योंकि उन्हें ऐसे बयानों का जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.

आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर बिहार की राजनीति में काफी बहस छिड़ सकती है.