Bihar Politics : पिता यहाँ बीमार, बेटा विदेश में मस्त जेडीयू ने तेजस्वी यादव के यूरोप ट्रिप पर उठाए गंभीर सवाल, मचा हड़कंप

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News India Live, Digital Desk: हम सब जानते हैं कि पटना में इन दिनों ठंड बढ़ गई है, लेकिन विधानसभा के अंदर और बाहर की राजनीति (Politics) का तापमान एकदम चरम पर है। बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र (Winter Session) चल रहा है, जहां विपक्ष को सरकार को घेरना चाहिए था, सवाल पूछने चाहिए थे। लेकिन, वहां एक बहुत बड़ा चेहरा गायब है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav)

अब जब "कप्तान" ही मैदान से गायब हो, तो विरोधी टीम (JDU-BJP) तो मजे लेगी ही। जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार (Neeraj Kumar) ने तेजस्वी के इस गायब होने पर तगड़ा हमला बोला है।

नीरज कुमार ने क्या कहा? (सीधा तंज)
नीरज कुमार ने अपने खास अंदाज़ में तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह कैसी विडंबना है! एक तरफ उनके पिता और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) अस्वस्थ चल रहे हैं, उनकी तबीयत ठीक नहीं है। और दूसरी तरफ, "भविष्य के युवराज" कहे जाने वाले तेजस्वी यादव सदन छोड़कर, जनता के मुद्दे छोड़कर परिवार के साथ यूरोप की सैर कर रहे हैं।

खबरों के मुताबिक, तेजस्वी यादव इस वक्त कथित तौर पर लंदन या किसी यूरोपीय देश में छुट्टियां मना रहे हैं।

'सैलानी राजनेता' का लगा ठप्पा
जेडीयू ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव 'संवैधानिक पद' की गरिमा भूल गए हैं। जब विधानसभा का सत्र चल रहा हो, जो कि जनता की आवाज उठाने का सबसे बड़ा मंच है, तब नेता प्रतिपक्ष का विदेश में होना उनकी गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। नीरज कुमार ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे तो "प्रवासी पक्षी" या "सैलानी" हो गए हैं, जो मौसम देखकर आते हैं और फिर उड़ जाते हैं।

आरजेडी (RJD) का क्या कहना है?
हालांकि, आरजेडी समर्थक कह रहे हैं कि तेजस्वी अपने परिवार और निजी कारणों से गए हैं और हर किसी को अपनी पर्सनल लाइफ जीने का हक है। लेकिन राजनीति में "परसेप्शन" (धारणा) ही सब कुछ होता है। विरोधी यह मैसेज देने में जुटे हैं कि जब बिहार को तेजस्वी की जरूरत थी, तब वे फॉरेन टूर पर बिजी थे।

सोशल मीडिया पर एक्टिव, ग्राउंड पर गायब?
जेडीयू का कहना है कि सोशल मीडिया पर ट्वीट कर देने से जनता की सेवा नहीं होती। जनता ने उन्हें विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए चुना है, न कि सत्र के दौरान विदेश घूमने के लिए।

दोस्तों, बिहार की राजनीति में यह वार-पलटवार तो चलता रहेगा। लेकिन एक वोटर के तौर पर यह सवाल हम सबको पूछना चाहिए क्या इतने महत्वपूर्ण सत्र के दौरान किसी बड़े नेता का गायब रहना सही है?