Bihar Politics : कांग्रेस के बीड़ी वाले पोस्ट पर बिहार में सियासी भूचाल, JDU ने तेजस्वी को घेरा
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में एक सोशल मीडिया पोस्ट ने आग लगा दी है. कांग्रेस पार्टी द्वारा 'बीड़ी' को लेकर किए गए एक पोस्ट पर ऐसा सियासी घमासान मचा है कि अब गेंद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव के पाले में आ गई है. जनता दल यूनाइटेड (JDU) और बीजेपी, दोनों ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए तेजस्वी यादव से जवाब मांगा है. JDU ने तो इसे गरीबों का अपमान बताते हुए तेजस्वी को सीधी चुनौती दे डाली है.
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, विवाद की जड़ में कांग्रेस के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल से किया गया एक पोस्ट है, जिसमें बीड़ी पीने को नकारात्मक तरीके से दिखाया गया है. इस पोस्ट के सामने आते ही बिहार की सियासत गरमा गई, क्योंकि बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में लाखों लोगों की रोजी-रोटी बीड़ी उद्योग से जुड़ी है, जिसमें एक बड़ी संख्या गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों की है.
JDU ने तेजस्वी पर दागा सीधा सवाल
इस मौके को JDU ने लपकने में जरा भी देर नहीं की. JDU के मुख्य प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा, "आपके सहयोगी दल (कांग्रेस) ने बीड़ी को लेकर एक नकारात्मक पोस्ट किया है. यह उन लाखों गरीबों का अपमान है जिनका घर बीड़ी बनाकर चलता है. यह तेंदूपत्ता चुनने वाले आदिवासियों का भी अपमान है."
नीरज कुमार ने तेजस्वी को याद दिलाया कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव भी बीड़ी पीते थे और खुद को गरीबों का नेता कहते थे. उन्होंने तेजस्वी से पूछा, "अब आप बताइए, आप अपने सहयोगी दल के इस कदम के साथ हैं या उन गरीबों के साथ? क्या आपमें हिम्मत है कि कांग्रेस के इस पोस्ट का विरोध कर सकें? अब गेंद आपके पाले में है, जवाब दीजिए."
बीजेपी भी हुई हमलावर
सिर्फ JDU ही नहीं, बीजेपी ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को आड़े हाथों लिया है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस हमेशा से गरीब विरोधी रही है और यह पोस्ट इसका ताजा सबूत है. उनका कहना है कि जो पार्टियां गरीबों के नाम पर राजनीति करती हैं, आज वही उनके रोजगार का मजाक उड़ा रही हैं.
चुप्पी साधे हुए हैं तेजस्वी
इस पूरे सियासी बवाल पर आरजेडी और तेजस्वी यादव की तरफ से अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है. तेजस्वी इस समय एक मुश्किल स्थिति में फंस गए हैं. अगर वो कांग्रेस के पोस्ट का विरोध करते हैं, तो 'इंडिया' गठबंधन में दरार पड़ सकती है और अगर वो चुप रहते हैं, तो JDU और बीजेपी उन्हें 'गरीब विरोधी' साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी. अब देखना यह है कि तेजस्वी इस सियासी चक्रव्यूह से कैसे निकलते हैं.