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April 24 2026 03:48 am

Bihar Politics: पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को बड़ी राहत, हत्या के मामले में पुलिस की क्लीन चिट, जानें क्या था पूरा मामला

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News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति और बाहुबल की चर्चाओं में अक्सर रहने वाले पूर्व सांसद सूरजभान सिंह के लिए राहत भरी खबर आई है। बेगूसराय के चर्चित मटिहानी हत्याकांड में पुलिस जांच के बाद सूरजभान सिंह का नाम हटा दिया गया है। पुलिस ने अपनी फाइनल रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान सूरजभान सिंह के खिलाफ हत्या की साजिश में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं। इस रिपोर्ट के आने के बाद अब पूर्व सांसद को इस मामले में बड़ी कानूनी राहत मिल गई है।

पुलिस जांच में नाम आने से मचा था हड़कंप

यह मामला करीब दो साल पुराना है, जब बेगूसराय जिले के मटिहानी थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती पुलिस तफ्तीश और पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर यह अंदेशा जताया गया था कि इस हत्याकांड के पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। जांच के दौरान जैसे ही सूरजभान सिंह का नाम सामने आया, बिहार के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया था। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए थे।

साक्ष्यों के अभाव में मिली क्लीन चिट

बेगूसराय पुलिस की विशेष टीम इस मामले की गहराई से जांच कर रही थी। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने कई संदिग्धों के मोबाइल सीडीआर (Call Detail Record) खंगाले और गवाहों के बयान दर्ज किए। लंबी प्रक्रिया के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि जिस वक्त यह घटना हुई और जिस तरह से साजिश के आरोप लगाए गए, उनमें सूरजभान सिंह की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संलिप्तता साबित नहीं हो पा रही है। इसी के आधार पर पुलिस ने अदालत में दाखिल अपनी फाइनल रिपोर्ट में उन्हें क्लीन चिट दे दी है।

कौन हैं सूरजभान सिंह?

सूरजभान सिंह बिहार की राजनीति का एक जाना-माना चेहरा रहे हैं। वह मोकामा और बलिया (बेगूसराय) संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पूर्व में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) से जुड़े रहे सूरजभान सिंह की गिनती कभी बेहद कद्दावर और बाहुबली नेताओं में होती थी। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से वे चुनावी राजनीति से दूर हैं, लेकिन उनके परिवार के सदस्य राजनीति में सक्रिय हैं। इस मामले में राहत मिलने के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर है।

अदालत के फैसले पर सबकी नजर

भले ही पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में सूरजभान सिंह को राहत दे दी हो, लेकिन अब सबकी निगाहें बेगूसराय की निचली अदालत पर टिकी हैं। पुलिस की इस 'फाइनल रिपोर्ट' पर अदालत को अपना फैसला सुनाना है। पीड़ित पक्ष के पास अब भी यह अधिकार है कि वे पुलिस की इस रिपोर्ट को चुनौती दें और मामले की पुन: जांच या संज्ञान लेने की अपील करें। फिलहाल, पुलिसिया जांच के स्तर पर सूरजभान सिंह बेदाग साबित हुए हैं।