Bihar News : माघ पूर्णिमा पर बिहार में मातम! पवित्र स्नान के दौरान गंगा में डूबे कई श्रद्धालु, सड़क हादसों में भी उजड़ गए कई घर

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News India Live, Digital Desk: बिहार में माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर जहां लाखों लोग श्रद्धा की डुबकी लगा रहे थे, वहीं राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आई दुखद खबरों ने त्योहार के उत्साह को गम में बदल दिया। रविवार को गंगा स्नान के दौरान डूबने और स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के साथ हुए सड़क हादसों में कई लोगों की जान चली गई। बेगूसराय, पटना और मुंगेर समेत कई जिलों से मौतों की सूचना मिली है, जिससे प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

गंगा स्नान के दौरान बड़ा हादसा: बेगूसराय और पटना में कई डूबे

माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की कमी और श्रद्धालुओं की लापरवाही भारी पड़ गई।

बेगूसराय: सिमरिया घाट पर स्नान के दौरान गहरे पानी में चले जाने से दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकाला गया।

पटना: राजधानी के दीघा और भद्र घाट पर भी डूबने की खबरें सामने आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ अधिक होने के कारण बैरिकेडिंग से आगे निकलना हादसों का कारण बना।

मुंगेर व लखीसराय: यहां भी स्नान के दौरान डूबने से कई लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में SDRF की टीमें जुटी हुई हैं।

सड़क हादसों ने छीनी खुशियां: अनियंत्रित वाहनों का कहर

गंगा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के वाहन भी दुर्घटना का शिकार हुए। कोहरे और तेज रफ्तार की वजह से बिहार के अलग-अलग नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसे हुए:

सीवान-छपरा मार्ग: श्रद्धालुओं से भरी एक ऑटो को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी, जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

समस्तीपुर: स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिसमें एक युवक ने दम तोड़ दिया।

[Image showing rescue operations by SDRF at Ganga Ghat in Bihar]

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

लाखों की भीड़ उमड़ने के बावजूद कई घाटों पर SDRF और गोताखोरों की तैनाती नदारद दिखी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खतरनाक घाटों को चिह्नित नहीं किया गया था और न ही लाउडस्पीकर से लगातार चेतावनी दी जा रही थी। सड़क हादसों के पीछे पुलिस गश्ती की कमी और ओवरलोडिंग को मुख्य वजह बताया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इन हादसों पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को मृतक के परिजनों को तत्काल अनुग्रह अनुदान (मुआवजा) राशि उपलब्ध कराने और घायलों के समुचित इलाज का निर्देश दिया है। सरकार ने भविष्य में ऐसे मेलों और पर्वों के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त करने की बात कही है।

सावधानी ही बचाव है: श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह

हमेशा चिह्नित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें।

बैरिकेडिंग (लाल झंडी) के आगे बिल्कुल न जाएं।

यात्रा के दौरान वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण रखें और ओवरलोडिंग से बचें।

किसी भी आपात स्थिति में तुरंत घाट पर तैनात पुलिस बल को सूचित करें।