सासाराम रोपवे हादसे पर एक्शन लापरवाही बरतने वालों को बिहार सरकार का साफ संदेश
News India Live, Digital Desk: सासाराम में माँ तारा चंडी धाम पर जब लोग आस्था के साथ पहाड़ की चढ़ाई कर रहे थे, तब किसे पता था कि एक छोटी सी तकनीकी खामी उनकी जान पर बन आएगी। रोहतास रोपवे हादसे के बाद मची अफरा-तफरी की गूँज जब पटना तक पहुँची, तो विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने दोषियों को न बख्शने का मन बना लिया है।
इंजीनियरों पर गिरी गाज, कंपनी पर लगा बैन
हादसे की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए, वे डराने वाले थे। पता चला कि सुरक्षा मानकों को लेकर कहीं न कहीं बड़ी लापरवाही हुई थी। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कड़ा एक्शन लेते हुए ड्यूटी पर तैनात दो जिम्मेदार इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
इतना ही नहीं, इस रोपवे का संचालन और रखरखाव करने वाली एजेंसी पर भी अब गाज गिरी है। मंत्री ने साफ कहा है कि जो कंपनी लोगों की सुरक्षा का ध्यान नहीं रख सकती, उसे राज्य में काम करने का कोई हक नहीं है। इसी के चलते संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट (काली सूची में डालना) कर दिया गया है।
क्या है मंत्री दिलीप जायसवाल का पक्ष?
दिलीप जायसवाल का रुख इस मामले में बहुत कड़ा दिखा। उन्होंने साफ़ लफ़्ज़ों में कहा कि किसी की लापरवाही की कीमत आम आदमी अपनी जान देकर नहीं चुकाएगा। सस्पेंड किए गए इंजीनियरों पर यह आरोप है कि उन्होंने मेंटेनेंस के काम को गंभीरता से नहीं लिया और रिपोर्ट्स में सब कुछ ठीक होने का दावा किया। अब सरकार इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि कहीं इस पूरे मामले के पीछे कोई बड़ा सिस्टम का खेल तो नहीं था।
आने वाले दिनों के लिए बड़ा सबक
सासाराम का यह रोपवे बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। लेकिन इस हादसे के बाद अब पूरे राज्य में संचालित रोपवे और झूलों के ऑडिट की मांग उठने लगी है। 2 इंजीनियरों का निलंबन और कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाना इस बात का संकेत है कि बिहार सरकार अब कतई 'ढिलाई' के मूड में नहीं है।
अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में मां तारा चंडी धाम पर जो भी नई व्यवस्था बनेगी, वह यात्रियों की सुरक्षा की 100% गारंटी देगी। सरकार की यह सख्ती अन्य एजेंसियों के लिए भी एक 'चेतावनी' की तरह है कि अगर जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हुआ, तो न नौकरी बचेगी और न काम।