Bihar Elections 2025 : तेजस्वी यादव को मुक्ति मिली तो कौन आया सामने? 'टॉपर्स घोटाला वाला बच्चा राय अब ओवैसी के साथ
News India Live, Digital Desk: Bihar Elections 2025 : यह ख़बर बिहार की राजनीति में एक नए ट्विस्ट की तरफ इशारा कर रही है, जहां 2016 के बहुचर्चित बिहार बोर्ड टॉपर्स घोटाला के मुख्य आरोपी अमित कुमार उर्फ बच्चा राय अब असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) में शामिल हो गए हैं इतना ही नहीं, बच्चा राय ने खुद को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महुआ सीट से AIMIM का संभावित उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है
गुरुवार को सीमांचल दौरे पर आए असदुद्दीन ओवैसी से मिलकर बच्चा राय ने बयान जारी किया और दावा किया है कि 6 अक्टूबर को ओवैसी की सभा महुआ में होगी. महुआ सीट 2025 के चुनावों में बिहार की सबसे हॉट विधानसभा सीट बन चुकी है, जहाँ आरजेडी के मौजूदा विधायक मुकेश रोशन को लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी खुली चुनौती दे रहे हैं. तेज प्रताप यादव को राजद से निकाल दिया गया है.
बच्चा राय का पुराना विवाद और घोटाले की परतें:
बच्चा राय वैशाली जिले के भगवानपुर में चल रहे वीआर कॉलेज के सचिव और प्रिंसिपल थे, जब 2016 में यह टॉपर्स घोटाला सामने आया था. उस साल इंटरमीडिएट आर्ट्स की टॉपर रुबी राय ने एक टीवी चैनल को इंटरव्यू में पॉलिटिकल साइंस को 'प्रॉडिगल साइंस' कहकर कई गलत जवाब दिए थे, जिससे बिहार बोर्ड की बहुत किरकिरी हुई थी. इसी तरह, इंटर साइंस टॉपर सौरभ श्रेष्ठ भी इंटरव्यू में पानी का केमिकल फॉर्मूला तक नहीं बता पाए थेये दोनों छात्र वीआर कॉलेज के ही थे
घोटाले की जांच के बाद, बिहार बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन लालकेश्वर प्रसाद और उनकी पत्नी उषा सिन्हा को गिरफ्तार किया गया.उषा सिन्हा नीतीश कुमार की पार्टी जदयू की विधायक भी रह चुकी हैं. जांच में बच्चा राय की भूमिका मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आई.उन्हें कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा और काफी समय जेल में बिताने के बाद उन्हें जमानत मिली प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बच्चा राय के ठिकानों पर छापा मारकर करीब पौने तीन करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे, और 2018 में उनकी करोड़ों की जमीन भी जब्त कर ली थी. ईडी ने बाद में इस जब्त जमीन पर निर्माण कार्य करने को लेकर एक अलग एफआईआर भी दर्ज कराई थी.
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या AIMIM बच्चा राय को महुआ से टिकट देती है और यह विवादित चेहरा बिहार की राजनीति में क्या रंग लाता है.