Bihar CAG Report : बिहार में बड़ा खुलासा नाबालिगों को बांट दिए पीएम आवास, परिवहन विभाग को भी लगा करोड़ों का चूना
News India Live, Digital Desk : कैग की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर खामियां पाई गई हैं। रिपोर्ट में सरकारी धन की बर्बादी और नियमों की अनदेखी के कई उदाहरण दिए गए हैं।
1. PM आवास योजना में 'अजब-गजब' धांधली
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर हुआ है:
नाबालिगों को लाभ: कैग ने पाया कि बिहार के कई जिलों में ऐसे लोगों को आवास की राशि आवंटित की गई जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम थी। सरकारी डेटाबेस और आधार कार्ड के मिलान में यह विसंगति उजागर हुई है।
अपात्रों को पैसा: ऐसे कई परिवारों को भी पक्का मकान बनाने के लिए पैसे दे दिए गए जिनके पास पहले से पक्का मकान था या जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते थे।
अधूरे मकान: बड़ी संख्या में ऐसे लाभार्थी पाए गए जिन्होंने पहली और दूसरी किस्त तो ले ली, लेकिन सालों बाद भी मकान का निर्माण पूरा नहीं किया।
2. परिवहन विभाग में राजस्व का भारी नुकसान
बिहार के परिवहन विभाग में वित्तीय कुप्रबंधन के कारण सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगी है:
टैक्स की वसूली नहीं: हजारों वाहनों (विशेषकर व्यावसायिक वाहनों) से सालों तक 'रोड टैक्स' और 'परमिट फीस' की वसूली नहीं की गई।
जुर्माने में कोताही: ओवरलोडिंग और फिटनेस नियमों के उल्लंघन के मामलों में जो जुर्माना वसूला जाना चाहिए था, उसे सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामियों या लापरवाही के कारण छोड़ दिया गया।
करोड़ों का घाटा: कैग के अनुमान के मुताबिक, केवल परिवहन विभाग में लापरवाही की वजह से राज्य सरकार को 100 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान हुआ है।
3. शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी टिप्पणी
रिपोर्ट में शिक्षा विभाग द्वारा खरीदी गई सामग्रियों और स्वास्थ्य केंद्रों में संसाधनों की कमी पर भी सवाल उठाए गए हैं:
कई स्कूलों में बिना जरूरत के डेस्क-बेंच और अन्य उपकरण खरीदे गए, जो अब धूल फांक रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग में दवाइयों की खरीद और उनके एक्सपायरी मैनेजमेंट में भी वित्तीय अनियमितता पाई गई है।
4. विपक्ष का हमला
कैग की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद बिहार में विपक्षी दलों (आरजेडी और वाम दल) ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार "जीरो टॉलरेंस" की बात करती है, लेकिन धरातल पर लूट मची है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
5. सरकार का पक्ष
वहीं, सरकार की ओर से संबंधित विभागों ने सफाई दी है कि कैग द्वारा उठाई गई आपत्तियों की समीक्षा की जा रही है और जहां भी विसंगतियां पाई जाएंगी, वहां संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और धन की वसूली की जाएगी।