जयपुर वासियों के लिए बड़ा अल्टीमेटम घर में PNG कनेक्शन है तो छोड़ना होगा LPG सिलेंडर, कलेक्टर के सख्त आदेश
News India Live, Digital Desk: राजस्थान की राजधानी जयपुर में अब रसोई गैस को लेकर नियम सख्त होने जा रहे हैं। अगर आपके घर में पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन लग चुका है, तो अब आप एलपीजी (LPG) सिलेंडर का मोह नहीं रख पाएंगे। जयपुर जिला कलेक्टर ने एक कड़ा फरमान जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जिन घरों में पीएनजी की सुविधा पहुंच चुकी है, उन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। इस आदेश के बाद शहर के उन हजारों उपभोक्ताओं में खलबली मच गई है जो बैकअप के तौर पर सिलेंडर रखना चाहते थे।
सुरक्षा और नियमों का हवाला: क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?
प्रशासन का तर्क है कि एक ही रसोई में पीएनजी और एलपीजी दोनों का एक साथ उपयोग करना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक हो सकता है। कलेक्टर ने तेल कंपनियों और गैस वितरकों को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तैयार करें जिनके पास दोनों कनेक्शन हैं। सरकार की मंशा साफ है कि शहरों में पीएनजी के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा दिया जाए और एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग केवल उन्हीं क्षेत्रों तक सीमित रखा जाए जहां पाइपलाइन नहीं पहुंची है।
गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश, घर-घर होगी जांच
जिला कलेक्टर के अल्टीमेटम के बाद अब गैस एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने ग्राहकों का वेरिफिकेशन करें। यदि किसी घर में पीएनजी चालू पाया जाता है और वहां एलपीजी सिलेंडर भी मौजूद है, तो उसे तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाएगा। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और उनका एलपीजी कनेक्शन हमेशा के लिए काटा जा सकता है।
सब्सिडी और सिलेंडर के खेल पर लगेगी लगाम
इस फैसले के पीछे एक बड़ा कारण एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और सब्सिडी का सही वितरण भी है। कई लोग पीएनजी का उपयोग करने के बावजूद सब्सिडी वाले सिलेंडर लेकर उन्हें व्यावसायिक उपयोग में लगा देते हैं या अनधिकृत तरीके से स्टोर करते हैं। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल गैस की बर्बादी रुकेगी, बल्कि जरूरतमंदों तक समय पर सिलेंडर पहुंच सकेंगे।
आम जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया
कलेक्टर के इस आदेश पर जयपुर की जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही है। जहां कुछ लोग इसे सुरक्षा के लिहाज से बेहतर बता रहे हैं, वहीं कई गृहणियों का कहना है कि पीएनजी में तकनीकी खराबी आने या सप्लाई रुकने की स्थिति में एलपीजी ही एकमात्र सहारा होता है। ऐसे में सिलेंडर को पूरी तरह हटाना मुश्किल पैदा कर सकता है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीएनजी की सप्लाई निर्बाध रहती है और बैकअप के लिए सिलेंडर रखने की अब कोई आवश्यकता नहीं है।