बांग्लादेश सेना में बड़ा फेरबदल भारत में मौजूद सैन्य अधिकारी को अचानक वापस बुलाया सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
News India Live, Digital Desk: पड़ोसी देश बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही प्रशासनिक और सैन्य स्तर पर बदलावों का दौर जारी है। इसी कड़ी में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने सेना में एक 'मेजर रीशफल' (बड़ा फेरबदल) करते हुए कई शीर्ष अधिकारियों के पदों में बदलाव किया है। इस फेरबदल की सबसे खास बात यह है कि भारत में नियुक्त एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को तत्काल प्रभाव से वापस ढाका बुला लिया गया है।
भारत से वापसी और नई जिम्मेदारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जो सैन्य अधिकारी भारत में महत्वपूर्ण कूटनीतिक या प्रशिक्षण भूमिका में थे, उन्हें वापस बुलाकर बांग्लादेश सेना के मुख्यालय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। माना जा रहा है कि यह कदम सीमा सुरक्षा और भारत-बांग्लादेश के बीच सैन्य संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में उठाया गया है।
सेना में बदलाव के पीछे की मुख्य वजहें:
प्रशासनिक मजबूती: तख्तापलट और हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद सेना के भीतर तालमेल बिठाना सरकार की प्राथमिकता है।
वफादारी और कमान: अंतरिम सरकार सेना में उन अधिकारियों को आगे ला रही है जो वर्तमान व्यवस्था के साथ बेहतर समन्वय बिठा सकें।
सुरक्षा चुनौतियां: म्यांमार सीमा पर बढ़ते तनाव और आंतरिक सुरक्षा को देखते हुए अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण कमान सौंपी गई है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर क्या होगा असर?
भारत में तैनात अधिकारी की वापसी और सेना में हो रहे इन बदलावों को कूटनीतिक चश्मे से भी देखा जा रहा है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश अपनी रक्षा नीति में कुछ बड़े बदलाव कर सकता है। हालांकि, नई दिल्ली इस पूरे घटनाक्रम पर बारीक नजर बनाए हुए है, क्योंकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से मजबूत रक्षा सहयोग रहा है।
ढाका में हलचल तेज
सेना प्रमुख जनरल वकार-उज़-ज़मान के नेतृत्व में हो रहे इन बदलावों को लेकर ढाका के गलियारों में चर्चाएं गर्म हैं। आने वाले दिनों में कुछ और अधिकारियों की सेवानिवृत्ति या तबादलों की संभावना जताई जा रही है।