PM Modi Israel Visit : मेरे प्रिय मित्र का स्वागत है मोदी के दौरे से पहले गदगद हुए नेतन्याहू भारत-इजरायल दोस्ती पर कही बड़ी बात

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News India Live, Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे को लेकर वहां के गलियारों में उत्साह चरम पर है। दौरे से ठीक पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने पीएम मोदी को अपना 'प्रिय मित्र' (Dear Friend) बताते हुए उनका स्वागत किया है। नेतन्याहू का यह बयान केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच उस गहरे व्यक्तिगत और रणनीतिक जुड़ाव को दर्शाता है, जिसने पिछले एक दशक में वैश्विक राजनीति की दिशा बदली है।

दोस्ती जो दुनिया के लिए मिसाल है

नेतन्याहू ने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों में इस बात पर जोर दिया कि पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। उन्होंने कहा, "मेरे प्रिय मित्र मोदी का इजरायल में स्वागत करना मेरे लिए गर्व की बात है। भारत और इजरायल के बीच का गठबंधन अटूट है।"

यात्रा के केंद्र में क्या है?

पीएम मोदी की इस यात्रा को लेकर इजरायल ने पलक-पावड़े बिछा दिए हैं। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरे में निम्नलिखित मुद्दों पर मुहर लग सकती है:

रक्षा और सुरक्षा: आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति और नई मिसाइल तकनीकों पर समझौता।

तकनीकी सहयोग: सेमीकंडक्टर, एआई (AI) और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ा निवेश।

कृषि और जल: इजरायली 'ड्रिप इरिगेशन' तकनीक को भारत के गांवों तक पहुँचाने का रोडमैप।

क्यों खास है यह दौरा?

2017 में पीएम मोदी इजरायल जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे। उस समय की उनकी और नेतन्याहू की 'केमिस्ट्री' ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। अब 2026 में, जब पश्चिम एशिया एक नाजुक दौर से गुजर रहा है, मोदी का वहां जाना भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' और एक 'ग्लोबल पावर' के रूप में उसकी बढ़ती साख को साबित करता है।

भारत के लिए क्या हैं मायने?

नेतन्याहू द्वारा मोदी को 'प्रिय मित्र' कहना केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि इजरायल भारत को अपने सबसे भरोसेमंद वैश्विक साझेदारों में से एक मानता है। इस यात्रा से न केवल व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे, बल्कि मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को भी गति मिलने की उम्मीद है।