Invest UP Bribery Case : IAS अभिषेक प्रकाश को बड़ी राहत? हाईकोर्ट ने पलटा मामला, FIR रद्द होने से मची खलबली

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित 'इन्वेस्ट यूपी' (Invest UP) रिश्वत कांड में एक नया और बड़ा मोड़ आ गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में दर्ज एफआईआर (FIR) को रद्द कर दिया है, जिससे सीनियर आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश सहित अन्य अधिकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। कोर्ट के इस फैसले ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि इन्वेस्ट यूपी के एक प्रोजेक्ट में रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने आनन-फानन में एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में आईएएस अभिषेक प्रकाश की भूमिका को लेकर भी काफी चर्चाएं थीं। हालांकि, अब हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले की कानूनी प्रक्रिया में खामियां पाते हुए एफआईआर को ही निरस्त (Quash) करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने क्यों लिया यह फैसला?

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि मामले में लगाए गए आरोपों के पर्याप्त साक्ष्य और कानूनी आधार कमजोर थे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस सबूतों के किसी अधिकारी या विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। इस फैसले के बाद अब पुलिस और जांच टीम को तगड़ा झटका लगा है, क्योंकि पूरी जांच अब अधर में लटक सकती है।

IAS अभिषेक प्रकाश के लिए राहत के मायने

आईएएस अभिषेक प्रकाश यूपी कैडर के प्रभावी अधिकारियों में गिने जाते हैं। इस मामले में नाम आने के बाद उनकी कार्यशैली और करियर पर सवाल उठ रहे थे। हाईकोर्ट के इस हालिया रुख के बाद माना जा रहा है कि उनके ऊपर से कानूनी संकट के बादल छंट सकते हैं। प्रशासनिक गलियारों में इस फैसले को 'न्याय की जीत' के रूप में देखा जा रहा है।

क्या होगी आगे की राह?

सूत्रों की मानें तो सरकार या संबंधित विभाग इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत का रुख कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल के लिए आरोपियों को बड़ी राहत मिल गई है। हाईकोर्ट का यह आदेश उन सभी अधिकारियों के लिए नजीर बन सकता है जो विभागीय जांच और एफआईआर के पेच में फंसे हुए हैं।