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April 24 2026 09:00 am

अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत हत्या के मामले में सजा पर लगी रोक, क्या अब पलट जाएगी छत्तीसगढ़ की सियासत?

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News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (J) के अध्यक्ष अमित जोगी को देश की सबसे बड़ी अदालत से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने एक पुराने हत्या के मामले में अमित जोगी की दोषसिद्धि (Conviction) और उम्रकैद की सजा पर अंतरिम रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला करीब दो दशक पुराना है, जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता रामअवतार जग्गी की हत्या से जुड़ा हुआ है। साल 2003 में रायपुर में रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में अमित जोगी को मुख्य आरोपियों में से एक बनाया गया था। निचली अदालत और बाद में हाई कोर्ट ने इस मामले में सजा सुनाई थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा झटका या राहत?

सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने अमित जोगी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी सजा के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले की अगली सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनकी सजा प्रभावी नहीं रहेगी। कानून के जानकारों का मानना है कि इस फैसले से जोगी को न केवल कानूनी राहत मिली है, बल्कि उनके राजनीतिक भविष्य के लिए भी नए रास्ते खुल सकते हैं।

छत्तीसगढ़ की राजनीति पर क्या होगा असर?

अमित जोगी छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं। सजा पर रोक लगने के बाद अब उनके चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है। जोगी समर्थकों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे 'सत्य की जीत' बताया है। विपक्षी दलों की नजरें अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

जग्गी परिवार की प्रतिक्रिया का इंतजार

रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी लंबे समय से इस मामले में न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा रुख के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से अब क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, अमित जोगी के लिए यह फैसला किसी संजीवनी से कम नहीं है।