योगी कैबिनेट के बड़े फैसले ,यूपी के 15 लाख शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को 5 लाख का मुफ्त कैशलेस इलाज

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News India Live, Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा जगत और प्रदेश के विकास के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। बैठक में कुल 32 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से 30 को मंजूरी दी गई। सरकार ने सबसे बड़ी सौगात बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और रसोइयों को दी है, जिन्हें अब ₹5 लाख तक का कैशलेस मेडिकल बीमा मिलेगा।

शिक्षकों और शिक्षा मित्रों के लिए 'कैशलेस' सौगात

योगी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर शिक्षा विभाग के कर्मियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच तैयार किया है:

किन्हें मिलेगा लाभ: बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, कस्तूरबा गांधी स्कूल का स्टाफ और रसोइया (PM पोषण योजना)

माध्यमिक शिक्षा: अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) और स्ववित्तपोषित स्कूलों के शिक्षक व कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं।

सपरिवार सुविधा: यह बीमा केवल कर्मचारी के लिए नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए प्रभावी होगा।

लाभार्थियों का आंकड़ा:

विभाग | कुल लाभार्थी (लगभग) | सुविधा 

बेसिक शिक्षा 1, ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज 

माध्यमिक शिक्षा | 2,97,589 | ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज | बजट सत्र और सीएम फैलो को राहत

बजट 2026: यूपी विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा। राज्य का वार्षिक बजट 11 फरवरी को सदन में पेश किया जाएगा।

CM फैलोशिप: मुख्यमंत्री फैलोशिप योजना के तहत काम करने वाले युवाओं को सरकारी भर्तियों (UPPSC/UPSSSC) में 3 वर्ष की आयु सीमा में छूट और अनुभव के आधार पर अतिरिक्त अंक (वेटेज) दिए जाएंगे।

 जिलों के लिए विकास परियोजनाओं पर मुहर

कैबिनेट ने इंफ्रास्ट्रक्चर और जनसुविधाओं के लिए खजाना खोल दिया है:

गोरखपुर और वाराणसी: गोरखपुर में ₹721 करोड़ और वाराणसी के 18 वार्डों के लिए ₹266 करोड़ के सीवरेज प्रोजेक्ट्स को वित्तीय मंजूरी।

टेक्सटाइल पार्क (लखनऊ-हरदोई): पार्क के लिए ₹458 करोड़ की जलापूर्ति योजना पास।

नक्षत्रशाला: बरेली और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण अपने जिलों में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला (Planetarium) का निर्माण करेंगे।

मानवीय और प्रशासनिक निर्णय

विस्थापितों का पुनर्वास: पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास के लिए भूमि और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था को मंजूरी दी गई।

नियमों में संशोधन: उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा और सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) की नियमावली में संशोधन के प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली है।