झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला अब टाउन प्लानर की डिज़ाइन ही वैध मानी जाएगी, इंजीनियरों की नहीं

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News India Live, Digital Desk : शहरों को बसाना और उनका योजनाबद्ध तरीके से विकास करना एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी का काम है। इसमें डिज़ाइन (design) और योजना (plan) बनाने वाले विशेषज्ञों की भूमिका अहम होती है। इसी सिलसिले में झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसका शहरी विकास (urban development) और रियल एस्टेट (real estate) सेक्टर पर गहरा असर पड़ सकता है। हाईकोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि अब केवल 'टाउन प्लानर' (Town Planner) द्वारा तैयार की गई डिज़ाइन ही वैध (valid) मानी जाएगी, इंजीनियरों (Engineers) द्वारा बनाई गई डिज़ाइन नहीं। यह फैसला झारखंड के शहरी परिदृश्य को हमेशा के लिए बदल सकता है।

क्यों ज़रूरी है टाउन प्लानर की विशेषज्ञता?

दरअसल, शहरीकरण की प्रक्रिया में, इमारतों का निर्माण सिर्फ़ संरचनात्मक मजबूती के बारे में नहीं होता, बल्कि पूरे शहर के लेआउट (layout), ट्रैफिक मैनेजमेंट (traffic management), ग्रीन स्पेस (green spaces), सिविक सुविधाओं (civic amenities) और भविष्य के विकास की योजना को ध्यान में रखना भी उतना ही ज़रूरी होता है। एक इंजीनियर मुख्य रूप से किसी संरचना की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करता है, जबकि एक टाउन प्लानर पूरे शहर या बड़े क्षेत्र की व्यापक योजना और विकास पर केंद्रित होता है।

झारखंड हाईकोर्ट का यह फैसला इसी सोच को दर्शाता है। कोर्ट का मानना है कि शहरी नियोजन एक विशेषज्ञ का काम है, जिसके लिए टाउन प्लानिंग में विशेष डिग्री और अनुभव की आवश्यकता होती है। सिर्फ इंजीनियरिंग की डिग्री वाला व्यक्ति, बिना टाउन प्लानिंग की विशेष समझ के, बड़े और जटिल शहरी डिज़ाइनों को न्याय नहीं दे सकता। ऐसे डिज़ाइनों के कारण शहर में अनियोजित विकास, अव्यवस्था और भविष्य में कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

रियल एस्टेट और शहरी विकास पर असर

इस फैसले के बाद झारखंड में रियल एस्टेट डेवलपर्स और शहरी विकास से जुड़े विभागों को अपनी योजना बनाने और डिज़ाइन अप्रूवल लेने के तरीके में बदलाव लाना होगा। अब उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्रोजेक्ट की मास्टर प्लान और लेआउट एक प्रमाणित टाउन प्लानर द्वारा ही तैयार किए जाएं।

यह फैसला झारखंड के शहरों को भविष्य में बेहतर और अधिक योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने में मदद करेगा, जिससे वहाँ के नागरिकों को अच्छी गुणवत्ता वाली जीवनशैली और बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी। उम्मीद है कि यह निर्णय शहरीकरण की प्रक्रिया में विशेषज्ञता के महत्व को बढ़ाएगा और एक स्वच्छ, व्यवस्थित और रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।