झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला अनधिकृत भवन होंगे नियमित, 60 दिनों में करना होगा आवेदन
News India Live, Digital Desk: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में झारखंड के शहरी निवासियों के लिए एक बड़ी राहत योजना को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार ने 'नियमितीकरण नियमावली 2025' को हरी झंडी दे दी है, जिससे अब बिना नक्शा पास कराए या अनधिकृत रूप से बने हजारों भवनों को वैध (नियमित) कराया जा सकेगा।
1. अनधिकृत भवन नियमितीकरण: मुख्य नियम और शर्तें
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल के अनुसार, 2019 की नियमावली में संशोधन कर इसे और अधिक व्यावहारिक बनाया गया है:
पात्रता: केवल 10 मीटर ऊंचाई तक के G+2 (जी-प्लस टू) भवनों को ही नियमित किया जा सकेगा।
क्षेत्रफल की सीमा: भवन का अधिकतम निर्मित क्षेत्रफल 300 वर्ग मीटर तक होना चाहिए।
नियमितीकरण शुल्क: * आवासीय भवन: ₹10,000 की राशि।
व्यावसायिक भवन: ₹20,000 की राशि।
पेनाल्टी में राहत: जुर्माना राशि (Penalty) का भुगतान तीन किस्तों में करने की सुविधा दी गई है।
समय सीमा: अधिसूचना जारी होने के 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा।
2. रोबोटिक फेस्टिवल और साइंस क्विज का आयोजन
राज्य के तकनीकी विकास और छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बड़े पुरस्कारों वाली प्रतियोगिताओं का ऐलान किया है:
रोबोटिक फेस्टिवल: इसमें रोबोट बनाने वाले विजेताओं को 5 लाख (प्रथम), 3 लाख (द्वितीय) और 2 लाख (तृतीय) रुपये का पुरस्कार मिलेगा।
साइंस क्विज: स्कूल (8वीं-12वीं), ITI और पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए तीन चरणों में प्रतियोगिता होगी।
इनाम: प्रथम पुरस्कार ₹50,000, द्वितीय ₹30,000 और तृतीय ₹20,000।
3. खनन नियमों में बदलाव: बालू और पत्थर की लीज अब 10 साल के लिए
राजस्व बढ़ाने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए झारखंड लघु खनिज रियायत (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई है:
ई-नीलामी: अब खदानों का आवंटन केवल ई-नीलामी के जरिए होगा।
लीज अवधि: * बालू और पत्थर: 10 वर्ष।
ग्रेनाइट व अन्य खनिज: 30 वर्ष।
समयबद्ध प्रक्रिया: आवेदन के 120 दिनों में LOI और पर्यावरण स्वीकृति के 30 दिनों के भीतर CTO (Consent to Operate) देना होगा।
कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
53 प्रस्तावों को मंजूरी: बैठक में कुल 53 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं पर सहमति बनी।
ट्रेजरी जांच: राज्य गठन के बाद से खजाने से हुई सभी बड़ी निकासी की जांच के आदेश।
मेडिकल कॉलेज: धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा और खूंटी में नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को गति।
सावधानी: यदि आपका भवन अनधिकृत है, तो अधिसूचना जारी होते ही 60 दिनों के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, अन्यथा संबंधित प्राधिकरण द्वारा भवन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।